एम्स ने रेफरल पोर्टल किया लॉन्च

khabar pradhan

संवाददाता

9 April 2025

अपडेटेड: 10:56 AM 0thGMT+0530

एम्स ने रेफरल पोर्टल किया लॉन्च

पोर्टल पर मरीजों के रिकॉर्ड और दस्तावेज होंगे उपलब्ध

पोर्टल पर मरीजों के रिकॉर्ड और दस्तावेज होंगे उपलब्ध

देशभर के एम्स में मरीजों को रेफर करना अब आसान होगा। सरकार ने इंटर-एम्स रेफरल पोर्टल लॉन्च किया है, जिससे डिजिटल तरीके से रेफरल किया जा सकेगा। शुरुआत में यह सुविधा दिल्ली और बिलासपुर एम्स में शुरू होगी। यह पोर्टल एम्स, नई दिल्ली द्वारा विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य रेफरल प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।

देश भर में बने लगभग 22 एम्स के बीच मरीजों को रेफर किया जाना अब न केवल संभव होगा बल्कि डिजिटल तरीके से रेफर करने के लिए इंटर एम्स रेफरल पोर्टल लॉन्च कर दिया गया है। साथ ही ट्रायल के तौर पर नई दिल्ली और बिलासपुर एम्स के बीच इस तकनीक का इस्तेमाल कर मरीजों को रेफर किया जाएगा। वही इसकी सफलता के बाद यह देश के बाकी एम्स में भी लॉन्च किया जाएगा। दरअसल, यह पोर्टल एम्स, नई दिल्ली द्वारा देश में ही विकसित किया गया है। इसका मकसद एम्स नेटवर्क के अंदर मरीजों के रेफरल और हेल्थ मैनेजमेंट को बेहतर बनाना है। एनबीटी ने 31 दिसंबर को देश के सभी एम्स का वन रेफरल सिस्टम, हेडिंग से खबर प्रकाशित की थी। एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर एम श्रीनिवास ने बताया था कि मरीजों के हितों को देखते हुए वन एम्स रेफरल सिस्टम तैयार कर रहे हैं।

अब मंगलवार को भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने इंटर-एम्स रेफरल पोर्टल की शुरुआत कर दी। इस पहल का मकसद मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाना और एम्स संस्थानों के बीच आपस में तालमेल के साथ इलाज के मैनेजमेंट को मजबूत करना है। इसमें फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और ऑटोमेटेड वर्क फ्लो जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे रेफरल की प्रक्रिया आसान, सुरक्षित और पारदर्शी हो जाएगी। इससे मरीजों को कम इंतजार करना पड़ेगा, मैन्युअल गलतियां कम होंगी।

शुरुआत में ये एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एम्स नई दिल्ली और एम्स बिलासपुर को जोड़ेगा। साथ ही यह चरण पूरे एम्स नेटवर्क में इस सिस्टम को लागू करने से पहले एक टेस्टिंग फेज के रूप में काम करेगा, वही जिसमें ऑपरेशनल प्रोटोकॉल्स को परखा जाएगा और चुनौतियों का समाधान निकाला जाएगा। इस सिस्टम से अधिकृत मेडिकल स्टाफ को स्लॉट बुकिंग, संस्थान के प्रोटोकॉल्स और कम्युनिकेशन चैनलों की निगरानी करने की सुविधा मिलेगी, ताकि मरीजों को वक्त पर और बेहतर इलाज की सेवा मिल सके। मरीजों को भी एक सुरक्षित सिस्टम के जरिए सही जानकारी और पारदर्शी रेफरल प्रक्रिया का लाभ मिलेगा। एम्स दिल्ली से मिली जानकारी के मुताबिक यह सिस्टम एम्स में विश्राम सदन की ऑनलाइन बुकिंग सेवा से भी जुड़ा होगा, जिससे मरीजों को इलाज के दौरान सस्ती, आरामदायक और सुविधाजनक ठहरने की सुविधा मिलेगी

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