यूपी एसटीएफ को बड़ी सफलता मिल गई है। एसटीएफ की टीम ने पेपर लीक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें बनाई गई थी। इन्हें गिरफ्तार किया गया है। यूपी एसटीएफ ने भोपाल और चंदौली से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पेपर लीक कराने वाले गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के तार समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा- 2023 से जुड़े रहे हैं। आरोपियों की पहचान भोपाल निवासी नमन शाम्बरी और चंदौली निवासी शाहिद सिद्दीकी के रूप में हुई थी। इन दोनों ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की दो अलग-अलग टीमें बनाई थी। एक टीम को भोपाल तो दूसरी टीम को चंदौली भेजा गया था। एसटीएफ की टीम ने 9 अप्रैल को भोपाल से नमन और चंदौली से शाहिद को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी नमन शाम्बरी ने कहा कि राजीव नयन मिश्रा 2014 से उसके घर के पड़ोस में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करता था। वही उसके माध्यम से सुभाष प्रकाश से मुलाकात हुई थी। उन लोगों ने बोला था कि हम लोग परीक्षाओं के पेपर आउट कराते हैं। साथ ही बताया कि अगर समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा 2023 का पेपर आउट करा लेंगे तो तुमको भी दे देंगे।
नमन ने कहा कि आरोपियों ने उसके बदले 10-12 लाख रुपये का इंतजाम करने की बात कही। वही उसके बाद मेंस परीक्षा का पेपर भी देने की बात कही थी। इस शर्त पर नमन तैयार भी हो गया था। साथ ही, वही आरोपी नमन ने सुभाष प्रकाश के एकांउट में कुछ पैसे ट्रांसफर कर दिए थे।
इसी क्रम में 9 फरवरी को राजीव और सुभाष ने पेपर नमन के व्हाट्सएप पर भेज दिया था। साथ ही परीक्षा में वही प्रश्न आए थे जो राजीव ने फोन पर भेजा था। पेपर के कुछ दिनों बाद ही राजीव, सुभाष और उनके साथियों को पुलिस ने पकड़ लिया गया था।गिरफ्तारी की जानकारी प्राप्त होते ही नमन ने अपने फोन से सब कुछ कर दिया था। वही साथ ही इधर-उधर छिपकर रह रहा था।
आरोपी शाहिद सिद्दीकी ने बताया कि उसकी मुलाकात सुभाष प्रकाश से वाराणसी में हुई थी। साथ ही उसने पेपर आउट कराने के बदले 10 से 12 लाख रुपये की मांग भी की थी। तब सुभाष के बहकावे में आकर शाहिद ने एक लाख रुपया एडवांस भेज दिया था। साथ ही एक ब्लैंक चेक दे दिया था। वही सुभाष ने शाहिद को विवेक उपाध्याय से बात करने के लिए कहा था।
विवेक ने शाहिद को भोपाल बुलाया था। वही वहां उसे एक होटल में हल पेपर पढ़ाया गया था। वहां से लौटकर आने के बाद उसने 11 फरवरी को केंद्रीय विद्यालय चंदौली में पेपर दिया था।


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