आगरा नगर निगम के पहले म्‍यूनिसिपल बॉन्‍ड को मिली गजब सफलता

khabar pradhan

संवाददाता

12 April 2025

अपडेटेड: 11:10 AM 0thGMT+0530

आगरा नगर निगम के पहले म्‍यूनिसिपल बॉन्‍ड को मिली गजब सफलता

पूरे उत्तर प्रदेश में पेश की मिसाल

पूरे उत्तर प्रदेश में पेश की मिसाल

आगरा नगर निगम के पहले म्यूनिसिपल बॉन्ड को उम्‍मीद से अधिक सफलता हासिल हुई है। साथ ही वही इस बॉन्‍ड को 3.5 गुना ज्यादा सब्सक्राइब किया गया था। साथ ही निगम के बॉन्ड को दो क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की तरफ से एए का दर्जा भी दिया गया था।

शहरी बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण में मिसाल पेश करते हुए आगरा नगर निगम ने अपने पहले नगरपालिका बॉन्ड के माध्यम से सफलतापूर्वक 50 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। वही इस बॉन्ड को 3.5 गुना अधिक सब्सक्राइब किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के इलेक्ट्रॉनिक मंच के माध्यम से कुल 174 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं। साथ ही निगम के बॉन्ड को दो क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की तरफ से एए का दर्जा दिया गया था।

तीन परिवर्तनकारी परियोजनाओं ने निगम को 7.5 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना सहित उम्मीदों को पार करने में मदद की है। साथ ही इसी तरह, निगम द्वारा प्रदान की गई सह-कार्य स्थल, उच्च मांग में एक शहरी सुविधा, लोगों को उच्च गति इंटरनेट कनेक्टिविटी, सम्मेलन कक्ष और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे के साथ एक सुरक्षित और अनुकूल स्थान में काम करने का विकल्प भी देगी। साथ ही सरकारी सेवा वितरण को बदलने के लिए एक मनोरंजन केंद्र के साथ एक नागरिक सुविधा केंद्र इनडोर खेलों, एक व्यायामशाला, एक योग हॉल और एक पुस्तकालय के साथ नगरपालिका सेवाओं तक पहुंचने के लिए एक-स्टॉप समाधान प्रदान करेगा।

प्रधान सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान राज्य भर में शहरी सेवाओं को मजबूत करने पर रहा है। वही सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए धन लगाया जा रहा है, और आगरा ने राज्य के अन्य शहरी स्थानीय निकायों के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है।

निगम के नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि हमारे बॉन्ड को जबरदस्त प्रतिक्रिया आगरा नागरिक निकाय के वित्तीय प्रबंधन में निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है। वही इस धन का उपयोग शहरी सेवाओं को और उन्नत करने और परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए अतिरिक्त राजस्व स्रोत बनाने के लिए किया जा रहा है। साथ ही जहां गाजियाबाद और लखनऊ ने अतीत में नगरपालिका बांड जारी किए थे, वहीं आगरा, वाराणसी और प्रयागराज को पिछले वर्ष बॉन्ड के माध्यम से धन जुटाने के लिए सरकार से मंजूरी मिली थी, जिसमें से आगरा सबसे आगे रहा है।

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