योगी का तीखा बयान- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे
संवाददाता
15 April 2025
अपडेटेड: 1:14 PM 0thGMT+0530

‘वक्फ की जमीन पर गरीबों के लिए बनेंगे मकान, बांग्लादेश पसंद है तो चले जाओ!
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए वक्फ बोर्ड की जमीनों और सांप्रदायिक मुद्दों पर तीखा बयान दिया, जिसने सियासी हलचल मचा दी है। योगी ने कहा कि वक्फ की उन जमीनों पर, जिनके कागजात वैध नहीं हैं, गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
वक्फ जमीनों पर बड़ा ऐलान
लखनऊ के एक कार्यक्रम में योगी ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जांच का जिक्र करते हुए कहा, “जिन वक्फ जमीनों के पास वैध दस्तावेज नहीं हैं, उन पर गरीबों के लिए मल्टी-स्टोरी इमारतें बनेंगी। हम हर गरीब को घर देंगे, चाहे वह किसी भी समुदाय का हो।” उन्होंने जोर देकर कहा, “लातों के भूत बातों से नहीं मानते। जो लोग गलत तरीके से जमीनों पर कब्जा किए बैठे हैं, उन्हें अब जवाब देना होगा।”
योगी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार सामाजिक समरसता और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि वक्फ बोर्ड की कई संपत्तियां अवैध कब्जों में हैं, जिन्हें मुक्त कराकर जनहित में इस्तेमाल किया जाएगा।
विपक्ष और बांग्लादेश पर तंज
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा, “कुछ लोग देश में अशांति फैलाना चाहते हैं। अगर उन्हें भारत के कानून पसंद नहीं और बांग्लादेश की व्यवस्था अच्छी लगती है, तो वे वहां चले जाएं। हम यहां भारत का संविधान चलाएंगे।” यह बयान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों के उन नेताओं के लिए था, जो वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
योगी ने विपक्ष पर देश को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा, “ये लोग वोटबैंक की राजनीति करते हैं, लेकिन हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर काम करती है। जो लोग गरीबों के हक को छीनने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”
सियासी घमासान शुरू
योगी के इस बयान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी ने इसे “सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला” बयान करार दिया। सपा नेता रामजी लाल सुमन ने कहा, “योगी जी का यह बयान अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने की कोशिश है। हम इसका जवाब देंगे।” वहीं, कांग्रेस ने भी योगी के बयान को “विभाजनकारी” बताया और कहा कि सरकार को गरीबों के लिए घर बनाने के लिए वक्फ बोर्ड को बदनाम करने की जरूरत नहीं।
दूसरी ओर, बीजेपी नेताओं ने योगी के बयान का समर्थन किया है। बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, “मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता गरीबों का कल्याण है। वक्फ बोर्ड की जमीनों का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।”
क्या होगा आगे?
योगी के इस बयान ने उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड के मुद्दे को और गर्म कर दिया है। सरकार ने पहले ही वक्फ संपत्तियों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है, जिसकी रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है। इस बीच, विपक्ष ने योगी के बयान के खिलाफ प्रदर्शन की योजना बनाई है। लखनऊ और अन्य शहरों में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह का तनाव न हो।
योगी का यह बयान न केवल वक्फ बोर्ड बल्कि बिहार और उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में भी सियासी रंग ले सकता है। सवाल यह है कि क्या यह बयान बीजेपी को सामाजिक समीकरणों में फायदा पहुंचाएगा या विपक्ष को एकजुट होने का मौका देगा? आने वाले दिन इसकी तस्वीर साफ करेंगे।