आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी पर ED की बड़ी कार्रवाई
संवाददाता
18 April 2025
अपडेटेड: 9:23 AM 0thGMT+0530
₹27.5 करोड़ के शेयर और डालमिया सीमेंट की ₹793 करोड़ की जमीन अटैच
₹27.5 करोड़ के शेयर और डालमिया सीमेंट की ₹793 करोड़ की जमीन अटैच
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने जगन रेड्डी की ₹27.5 करोड़ की शेयर-संपत्ति और डालमिया सीमेंट्स (भारत) लिमिटेड (DCBL) की ₹793.3 करोड़ की जमीन को अटैच किया है। यह कार्रवाई क्विड प्रो क्वो (Quid Pro Quo) निवेश से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है, जो 2011 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एक FIR से संबंधित है। इस मामले ने आंध्र प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है।
मामले का विवरण
ED की जांच के अनुसार, यह मामला डालमिया सीमेंट्स (भारत) लिमिटेड द्वारा भारती सीमेंट्स में किए गए निवेश से जुड़ा है। आरोप है कि यह निवेश क्विड प्रो क्वो व्यवस्था के तहत किया गया, जिसमें जगन रेड्डी की कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए रिश्वत के रूप में निवेश किया गया। CBI ने 2011 में इस मामले में FIR दर्ज की थी, जिसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच शुरू की।
ED ने अपनी जांच में पाया कि जगन रेड्डी की कंपनियों में किए गए निवेशों का उपयोग अवैध धन को वैध बनाने के लिए किया गया। इस सिलसिले में, ED ने जगन रेड्डी के स्वामित्व वाली कंपनियों के ₹27.5 करोड़ के शेयर और डालमिया सीमेंट्स की ₹793.3 करोड़ की जमीन को अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह जमीन आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में स्थित है।
ED की कार्रवाई
ED ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह जब्ती PMLA के तहत की गई है। जांच एजेंसी का दावा है कि डालमिया सीमेंट्स ने जगन रेड्डी की कंपनियों में निवेश करके उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाया, जिसके बदले में कंपनी को सरकारी अनुबंध और अन्य लाभ मिले। ED ने इस मामले में कई दस्तावेज और सबूत जुटाए हैं, जो कथित तौर पर इस सौदे में अनियमितताओं को दर्शाते हैं।
जब्त की गई संपत्तियों में शामिल हैं:
जगन रेड्डी की कंपनियों के शेयर: ₹27.5 करोड़ मूल्य के।
डालमिया सीमेंट्स की जमीन: ₹793.3 करोड़ मूल्य की, जो कडप्पा में स्थित है।
ED ने यह भी संकेत दिया कि जांच अभी जारी है और भविष्य में और संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस कार्रवाई ने आंध्र प्रदेश में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP), जिसके प्रमुख जगन रेड्डी हैं, ने इस कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है। पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा, “यह केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की एक और कोशिश है। ED का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है।”
वहीं, सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। TDP के एक नेता ने कहा, “जगन रेड्डी के शासनकाल में भ्रष्टाचार चरम पर था। ED की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
विपक्ष का आरोप
YSRCP ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई 2024 के विधानसभा चुनावों में जगन रेड्डी की हार के बाद केंद्र सरकार की ओर से बदले की कार्रवाई है। पार्टी ने दावा किया कि ED और CBI जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग विपक्षी नेताओं को डराने के लिए किया जा रहा है। YSRCP ने इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।
जनता और विशेषज्ञों की राय
इस कार्रवाई ने जनता के बीच भी बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आंध्र प्रदेश की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित कर सकता है, खासकर तब जब 2029 के विधानसभा चुनाव नजदीक आएंगे।
आगे की राह
ED ने संकेत दिया है कि इस मामले में और भी लोग जांच के दायरे में आ सकते हैं। जांच एजेंसी अन्य कंपनियों और व्यक्तियों के निवेश की भी जांच कर रही है, जो कथित तौर पर जगन रेड्डी की कंपनियों से जुड़े हैं। इसके अलावा, जब्त की गई संपत्तियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया भी शुरू होगी, जिसमें जगन रेड्डी और डालमिया सीमेंट्स को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा।