पत्नी को संपत्ति मानना असंवैधानिक

khabar pradhan

संवाददाता

19 April 2025

अपडेटेड: 7:33 AM 0thGMT+0530

पत्नी को संपत्ति मानना असंवैधानिक

दिल्ली हाईकोर्ट ने महाभारत के द्रौपदी प्रसंग का उल्लेख कर खारिज की याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने महाभारत के द्रौपदी प्रसंग का उल्लेख कर खारिज की याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पत्नी को पति की संपत्ति मानने की सोच न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान और स्वायत्तता के खिलाफ है। कोर्ट ने महाभारत में द्रौपदी के अपमान के प्रसंग का जिक्र करते हुए इस मानसिकता की कड़ी निंदा की। यह टिप्पणी एक पति की याचिका पर सुनवाई के दौरान आई, जिसमें उसने अपनी पत्नी पर अपने अधिकार का दावा किया था। कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की एकल पीठ ने कहा कि भारतीय संविधान के तहत महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त हैं, और उन्हें किसी की संपत्ति के रूप में देखना संविधान के मूल्यों का उल्लंघन है। कोर्ट ने महाभारत का हवाला देते हुए कहा कि द्रौपदी को दांव पर लगाने और उनका अपमान करने की घटना समाज के लिए एक सबक है, जो आज भी प्रासंगिक है।


मामले की सुनवाई के दौरान पति ने तर्क दिया था कि उसकी पत्नी को उसकी अनुमति के बिना स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विवाह दो व्यक्तियों के बीच समानता का रिश्ता है, न कि अधीनता का। कोर्ट ने पति को अपनी सोच बदलने और पत्नी के व्यक्तिगत अधिकारों का सम्मान करने की सलाह दी।
यह फैसला लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और रूढ़िगत सोच को चुनौती देने के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों ने इस निर्णय की सराहना की है, इसे महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

टिप्पणियां (0)