कर्नाटक के पूर्व DGP ओम प्रकाश मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा
संवाददाता
21 April 2025
अपडेटेड: 7:53 AM 0stGMT+0530
कर्नाटक के पूर्व DGP ओम प्रकाश मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा
पत्नी पर हत्या का आरोप, बेटे ने बताया मानसिक बीमारी का शिकार
कर्नाटक के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) ओम प्रकाश की हत्या के मामले ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। रविवार को बेंगलुरु के उनके आवास पर उनकी खून से लथपथ लाश मिली, जिसके गले और पेट पर चाकू के गहरे निशान थे। इस सनसनीखेज मामले में अब पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ओम प्रकाश की पत्नी पल्लवी पर हत्या का आरोप लगा है, और उनके बेटे कार्तिक ने दावा किया है कि उनकी मां गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित थीं। पुलिस ने पल्लवी को हिरासत में लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
हत्या का भयावह विवरण
पुलिस के अनुसार, यह घटना रविवार देर रात बेंगलुरु के पॉश इलाके में स्थित ओम प्रकाश के घर पर हुई। शुरुआती जांच में पता चला कि पल्लवी ने कथित तौर पर ओम प्रकाश के चेहरे पर मिर्च पाउडर फेंका, जिससे वह असहाय हो गए। इसके बाद उन्होंने उनके हाथ-पैर बांधे और चाकू से गले व पेट पर कई वार किए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि ओम प्रकाश की मौत चाकू के गहरे घावों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई। घटनास्थल से खून से सना एक चाकू और मिर्च पाउडर के अवशेष भी बरामद किए गए हैं।
बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पल्लवी ने प्रारंभिक पूछताछ में कुछ असंगत बयान दिए हैं, जिससे उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को भी जांच के दायरे में लिया है।
बेटे का बयान: “मां मानसिक रूप से बीमार थीं”
ओम प्रकाश के बेटे कार्तिक ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि उनकी मां पल्लवी लंबे समय से गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। कार्तिक ने FIR दर्ज कराते हुए दावा किया कि उनकी मां का व्यवहार अस्थिर था और वह अक्सर अवसाद और चिड़चिड़ापन दिखाती थीं। उन्होंने यह भी बताया कि पल्लवी को मनोचिकित्सक के पास इलाज के लिए ले जाया जाता था, लेकिन हाल के महीनों में उनकी स्थिति और बिगड़ गई थी।
कार्तिक ने पुलिस को बताया, “मेरी मां ने पिताजी पर मिर्च पाउडर फेंका और फिर उन्हें बांधकर चाकू से हमला किया। यह सब उनकी मानसिक बीमारी के कारण हुआ।” उन्होंने अपनी बहन पर भी कुछ संदेह जताया, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। कार्तिक के बयान ने इस मामले में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को प्रमुखता से सामने ला दिया है।
पत्नी पर हत्या का आरोप
पुलिस ने पल्लवी को हत्या के आरोप में हिरासत में लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पल्लवी ने पूछताछ में कुछ हद तक अपराध स्वीकार किया है, लेकिन वह बार-बार मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद की बात कर रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्या के पीछे कोई पुराना पारिवारिक विवाद या अन्य कारण था।
घटनास्थल से मिले साक्ष्यों में एक डायरी भी शामिल है, जिसमें पल्लवी ने अपनी मानसिक स्थिति और पारिवारिक तनाव के बारे में कुछ नोट्स लिखे थे। पुलिस इस डायरी को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है ताकि हत्या के मकसद को और स्पष्ट किया जा सके।
मानसिक स्वास्थ्य पर बहस
इस मामले ने कर्नाटक और देशभर में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक बीमारियों को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। एक मनोचिकित्सक ने कहा, “अगर पल्लवी वाकई मानसिक बीमारी से पीड़ित थीं, तो समय पर इलाज न मिलने से यह त्रासदी हुई होगी। समाज को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।”
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर गर्मागर्म बहस छिड़ी है। कुछ यूजर्स ने पल्लवी के मानसिक स्वास्थ्य के दावे पर सहानुभूति जताई, जबकि अन्य ने इसे “हत्या का बहाना” बताया। एक यूजर ने लिखा, “मानसिक बीमारी कोई मजाक नहीं है। अगर यह सच है, तो यह एक दुखद घटना है।” वहीं, दूसरे ने सवाल उठाया, “क्या हर अपराध को मानसिक बीमारी का बहाना बनाया जाएगा?”
पुलिस जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो इस हत्या के हर पहलू की जांच करेगा। पुलिस ने पड़ोसियों और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, उंगलियों के निशान, और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं।
इस घटना ने कर्नाटक में राजनीतिक हलचल भी पैदा कर दी है। विपक्षी कांग्रेस और जेडी(एस) ने इसे राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का उदाहरण बताया है। कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा, “जब एक पूर्व DGP अपने घर में सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी का क्या हाल होगा?” वहीं, सत्तारूढ़ बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है।
ओम प्रकाश का करियर
ओम प्रकाश कर्नाटक के सबसे सम्मानित IPS अधिकारियों में से एक थे। उन्होंने अपने करियर में कई बड़े आपराधिक मामलों को सुलझाया और नक्सलवाद के खिलाफ अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद भी वह सामाजिक कार्यों और सुरक्षा नीतियों पर सलाह देने में सक्रिय थे। उनकी हत्या ने पुलिस बिरादरी में शोक की लहर दौड़ा दी है।
सोशल मीडिया पर हंगामा
सोशल मीडिया पर इस हत्या को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे पारिवारिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य की विफलता का परिणाम बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे कर्नाटक में बढ़ते अपराध का प्रतीक मान रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “एक DGP की इतनी क्रूर हत्या? यह बेंगलुरु की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है।”
आगे की जांच
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या पल्लवी ने अकेले इस हत्या को अंजाम दिया या इसमें कोई और शामिल था। उनकी मानसिक स्थिति की जांच के लिए मनोचिकित्सकों की एक टीम से सहायता ली जा रही है। साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हत्या के पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।
यह मामला न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक तनाव, और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करता है। आने वाले दिनों में इस जांच के और खुलासे होने की उम्मीद है, जो इस रहस्यमयी हत्या की परतें खोल सकते हैं।