पहलगाम आतंकी हमले के तीन संदिग्ध पहले से थे कश्मीर में सक्रिय

khabar pradhan

संवाददाता

23 April 2025

अपडेटेड: 12:51 PM 0rdGMT+0530

कोड नामों से छिपाई पहचान


लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी, सुरक्षा बलों ने शुरू किया व्यापक तलाशी अभियान
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले ने देश को हिलाकर रख दिया, जिसमें 28 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस हमले में शामिल तीन संदिग्ध आतंकी—आसिफ फौजी, सुलेमान शाह, और अबू तल्हा—पहले से ही कश्मीर में सक्रिय थे। ये आतंकी अपनी पहचान छिपाने के लिए मूसा, यूनुस, और आसिफ जैसे कोड नामों का इस्तेमाल कर रहे थे।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम ने हमले की जांच शुरू की है और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर तीनों संदिग्धों के स्केच जारी किए हैं, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि ये आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) का हिस्सा हैं, जिसने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
हमला पहलगाम के बैसरण मीडो में दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकियों ने सेना की वर्दी पहनकर हमला किया और पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर और इस्लामी आयतें सुनाने को कहकर चुन-चुनकर गोलियां चलाईं। इस हमले में दो विदेशी पर्यटक (यूएई और नेपाल के नागरिक) और एक भारतीय नौसेना अधिकारी, लेफ्टिनेंट विनय नरवाल, भी शहीद हुए।
जांच में यह भी सामने आया कि आतंकी किश्तवाड़ से होकर कोकेरनाग के रास्ते बैसरण पहुंचे थे, जिससे हमले की योजना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। भारतीय सेना के चिनार कोर ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है और बारामूला में नियंत्रण रेखा पर एक घुसपैठ की कोशिश को भी नाकाम किया है।

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