पहलगाम हमले के बाद मोदी सरकार के 5 सख्त कदम, बिलबिला उठा पाकिस्तान

khabar pradhan

संवाददाता

24 April 2025

अपडेटेड: 6:36 AM 0thGMT+0530

48 घंटे में भारत छोड़ें

नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देश को हिलाकर रख दिया। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान गई। पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के इस कायराना कृत्य का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल सुरक्षा समिति ने बुधवार को पांच कड़े फैसले लिए। ये फैसले पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और कूटनीति को गहरी चोट पहुंचाएंगे। सिंधु जल समझौते को निलंबित करने से लेकर अटारी सीमा बंद करने तक, भारत ने साफ कर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ अब निर्णायक कार्रवाई होगी।
सिंधु जल समझौता रद्द: पाकिस्तान की जीवनरेखा पर प्रहार
भारत ने 1960 के सिंधु जल समझौते को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस समझौते के तहत भारत पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलुज) और पाकिस्तान पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चेनाब) का नियंत्रण करता था। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता, यह समझौता लागू नहीं रहेगा।” ये नदियां पाकिस्तान की कृषि और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इस फैसले से वहां पानी की भारी कमी होगी।
अटारी-वाघा सीमा बंद: व्यापार पर ताला
भारत ने अटारी-वाघा सीमा पर एकीकृत जांच चौकी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया। यह चौकी भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार और आवागमन का प्रमुख रास्ता थी। 2023-24 में इस चौकी से 3,886 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ, जिसमें भारत से सोयाबीन, सब्जियां और प्लास्टिक के सामान और पाकिस्तान से सूखे मेवे, जिप्सम और नमक का आयात-निर्यात शामिल था। वैध दस्तावेजों वाले लोग 1 मई 2025 तक इस रास्ते से वापस जा सकते हैं। इस कदम से छोटे व्यापारियों को बड़ा नुकसान होगा।


पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे का समय: भारत छोड़ें
भारत ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) वीजा छूट योजना के तहत पाकिस्तानी नागरिकों के भारत प्रवेश पर रोक लगा दी। पहले जारी सभी विशेष वीजा रद्द कर दिए गए। भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा, “पाकिस्तान के साथ कोई रियायत नहीं होगी।” यह कदम दोनों देशों के बीच लोगों के आवागमन को पूरी तरह रोक देगा।
पाक उच्चायोग पर कड़ा रुख: सैन्य सलाहकार निष्कासित
नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के रक्षा, नौसेना, वायुसेना और सैन्य सलाहकारों को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित किया गया। उन्हें एक सप्ताह के अंदर भारत छोड़ने का आदेश दिया गया। भारत ने इस्लामाबाद में अपने उच्चायोग से रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को वापस बुलाने का फैसला किया। दोनों देशों के उच्चायोगों में इन पदों को रद्द कर दिया गया। साथ ही, पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 करने का निर्देश दिया गया।
सार्क और कूटनीति पर चोट: पाकिस्तान को क्षेत्रीय अलगाव
भारत ने पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक संबंधों को और कम करने का फैसला किया। सार्क ढांचे के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को भारत आने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम पाकिस्तान को क्षेत्रीय सहयोग से और अलग-थलग करेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “पहलगाम हमले का जवाब जोरदार होगा। पाकिस्तान को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
पहलगाम हमले की क्रूरता: 26 निर्दोषों की हत्या
पहलगाम के बैसारन मीडोज में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में छह विदेशी आतंकियों ने 26 पर्यटकों को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सेना की वर्दी में आए आतंकियों ने पर्यटकों से उनका नाम और धर्म पूछा, फिर नजदीक से गोलियां चलाईं। इस हमले में दो विदेशी पर्यटक भी मारे गए। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। अनंतनाग पुलिस ने हमलावरों की पहचान के लिए 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
मोदी का सऊदी दौरा रद्द: दिल्ली में आपात बैठक
पहलगाम हमले की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब का दौरा बीच में छोड़कर दिल्ली लौट आए। उन्होंने मंत्रिमंडल सुरक्षा समिति की 2.5 घंटे की बैठक में कड़े कदमों को मंजूरी दी। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस बैठक में मौजूद थे। पीएम मोदी ने बिहार के दरभंगा में एक जनसभा में कहा, “आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा। भारत अब और चुप नहीं रहेगा।”
पाकिस्तान पर आर्थिक और रणनीतिक दबाव
सिंधु जल समझौता रद्द करना पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा झटका है। सिंधु नदी प्रणाली से हर साल 39 अरब घन मीटर पानी पाकिस्तान को मिलता है, जो उसकी कृषि और पेयजल आपूर्ति का आधार है। पंजाब और सिंध प्रांतों में 95% से अधिक सिंचित भूमि इस पानी पर निर्भर है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से पाकिस्तान की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक असर पड़ेगा। अटारी सीमा बंद होने से सूखे मेवे और छोटे व्यापारियों का कारोबार भी ठप हो जाएगा।
विपक्ष और जनता का समर्थन
पहलगाम हमले के बाद देश में गुस्से की लहर है। कोलकाता में भाजपा नेता सुवendu अधिकारी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने विरोध मार्च निकाला। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को करारा जवाब दिया जाएगा।” कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने भी हमले की निंदा की। उमर ने इसे “अमानवीय” और महबूबा ने “कायराना” बताया।
विश्व समुदाय का साथ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से फोन पर बात कर आतंकवाद के खिलाफ भारत को समर्थन का भरोसा दिया। आगरा में ताजमहल का दौरा कर रहे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “पहलगाम हमले से स्तब्ध हूं। पीड़ितों के प्रति संवेदना।” यह कदम वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत करेगा।

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