भारत के सख्त एक्शन से पाकिस्तान में हड़कंप

khabar pradhan

संवाददाता

24 April 2025

अपडेटेड: 1:45 PM 0thGMT+0530

भारत के सख्त एक्शन से पाकिस्तान में हड़कंप

भारत के सख्त एक्शन से पाकिस्तान में हड़कंप

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भारत के सख्त एक्शन से पाकिस्तान में हड़कंप: इंदस जल संधि पर रोक को बताया ‘युद्ध का न्योता’, NSC बैठक के बाद दी धमकी


पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए, जिसमें इंदस जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित करना भी शामिल है। इस फैसले ने पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया है। पाकिस्तान ने इसे “युद्ध को न्योता” करार देते हुए भारत के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी। बुधवार, 23 अप्रैल 2025 को हुई भारत की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में लिए गए इस निर्णय के बाद पाकिस्तान ने गुरुवार को अपनी नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NSC) की आपात बैठक बुलाई, जिसमें भारत को “परिणाम भुगतने” की धमकी दी गई। यह खबर वेबसाइट पर प्रकाशन के लिए कॉपीराइट मुक्त है और बिना किसी बदलाव के उपयोग की जा सकती है।
पहलगाम हमले के बाद भारत का सख्त रुख
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बैसारन मीडोज में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें दो विदेशी (नेपाल और UAE) और दो स्थानीय लोग शामिल थे। इस हमले की जिम्मेदारी एक आतंकी संगठन ने ली, जिसके तार पाकिस्तान से जुड़े होने की आशंका है। इसके जवाब में भारत ने कई बड़े फैसले लिए:
इंदस जल संधि निलंबित: भारत ने 1960 की इस संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जिसके तहत सिंधु, झेलम, और चिनाब नदियों का पानी पाकिस्तान के साथ साझा किया जाता था।
पाकिस्तानी नागरिकों पर पाबंदी: सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 72 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश दिया गया।
वीजा सेवाएं बंद: भारत ने पाकिस्तान के लिए सभी वीजा सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया।
सांस्कृतिक और खेल आयोजनों पर रोक: पाकिस्तानी कलाकारों और खिलाड़ियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया, जिसमें फवाद खान की फिल्म ‘अबीर गुलाल’ की रिलीज भी शामिल है।
X पर अकाउंट ब्लॉक: पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक X अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया।
इन कदमों को भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने सख्त रुख का हिस्सा बताया। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा, “पाकिस्तान कश्मीर में खूनखराबा करता है और फिर हमारा पानी लेता है। यह अब नहीं चलेगा। सरकार ने सही फैसला लिया है।”
पाकिस्तान की बौखलाहट और NSC बैठक
पाकिस्तान ने भारत के इन फैसलों को “एकतरफा और गैर-कानूनी” करार दिया। गुरुवार को इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई NSC बैठक में भारत के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी की गई। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “इंदस जल संधि को तोड़ना युद्ध को बुलावा देने जैसा है। भारत का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, और इसके गंभीर परिणाम होंगे।”
पाकिस्तान ने दावा किया कि यह संधि विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी, और भारत इसे एकतरफा खत्म नहीं कर सकता। NSC ने अपनी सेना को सीमा पर “हाई अलर्ट” पर रहने का निर्देश दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, पाकिस्तानी बयानों को कई विशेषज्ञों ने “गीदड़ भभकी” करार दिया, क्योंकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सैन्य स्थिति भारत के मुकाबले कमजोर है।
इंदस जल संधि का महत्व
1960 में हुई इंदस जल संधि के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास, और सतलज) का पानी बांटा गया। संधि के अनुसार, भारत को रावी, ब्यास, और सतलज का पूरा नियंत्रण मिला, जबकि सिंधु, झेलम, और चिनाब का अधिकांश पानी पाकिस्तान को दिया गया। भारत ने हमेशा संधि का पालन किया, लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत ने इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल” बताते हुए निलंबित कर दिया।
जम्मू-कश्मीर के रामबन में चिनाब नदी पर बने बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट जैसे बुनियादी ढांचे अब भारत के लिए रणनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संधि के निलंबन से पाकिस्तान की कृषि और बिजली उत्पादन पर गहरा असर पड़ेगा, क्योंकि वह इन नदियों पर निर्भर है।
भारत में समर्थन, पाकिस्तान में आलोचना
भारत में इस फैसले का व्यापक समर्थन मिला है। जम्मू-कश्मीर के BJP नेता रविंदर रैना ने कहा, “यह ऐतिहासिक फैसला है। पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है, और अब उसे पानी भी नहीं मिलेगा।” दिल्ली में रक्षा विशेषज्ञ तिलक देवाशेर ने इसे “पाकिस्तान के साथ नियम बदलने” का कदम बताया।
वहीं, पाकिस्तान में विपक्षी दलों ने शहबाज सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उनकी कमजोर कूटनीति के कारण भारत ने यह कदम उठाया। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी यूजर्स ने इसे “पानी की चोरी” करार दिया, जबकि भारतीय यूजर्स ने इसे आतंकवाद के खिलाफ उचित जवाब बताया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की स्थिति मजबूत है, क्योंकि वह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को आधार बना रहा है। इस बीच, भारत ने साफ कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में कोई ढील नहीं बरतेगा

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