पहलगाम हमले के बाद सरकार की सख्त हिदायत
संवाददाता
26 April 2025
अपडेटेड: 2:13 PM 0thGMT+0530
सुरक्षा अभियानों का लाइव प्रसारण न करे मीडिया
पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को उजागर किया है। इस हमले के बाद केंद्र सरकार ने मीडिया हाउसेज के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने सभी समाचार चैनलों और मीडिया संस्थानों से अपील की है कि वे सुरक्षा बलों के अभियानों, उनके मूवमेंट या रणनीति से संबंधित किसी भी जानकारी का सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट), रियल-टाइम कवरेज या ‘सूत्रों पर आधारित’ खबरों का प्रकाशन न करें। इस तरह की कवरेज से आतंकवादी तत्वों को सुरक्षा बलों की रणनीति और स्थिति की जानकारी मिल सकती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। सरकार का यह कदम सुरक्षा बलों की गोपनीयता और उनके संचालन की प्रभावशीलता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
इसके अतिरिक्त, रेलवे प्रशासन ने भी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए अपने कर्मचारियों के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रेलवे ने अपने गैर-कश्मीरी कर्मचारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। निर्देशों में कहा गया है कि गैर-कश्मीरी स्टाफ अकेले बाहर न जाएं और हमेशा सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें। यह कदम कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उठाया गया है। रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ समन्वय बनाए रखना चाहिए।
पहलगाम हमले ने न केवल सुरक्षा बलों के सामने चुनौतियों को उजागर किया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि ऐसी परिस्थितियों में मीडिया और नागरिकों की जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। सरकार और प्रशासन के ये कदम न केवल सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता को मजबूत करने के लिए हैं, बल्कि आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए भी हैं। क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों का सहयोग आवश्यक है।