जांच में खुलासा: लोकल हैंडलर और ड्रोन से रेकी, क्रिप्टोकरेंसी से पाकिस्तानी फंडिंग

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले के बाद आतंकियों के पुलवामा की ओर भागने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि हमले की साजिश में स्थानीय हैंडलरों की भूमिका थी, जिन्होंने ड्रोन की मदद से रेकी की। इसके साथ ही, आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंडिंग की जा रही थी।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमले में शामिल आतंकियों ने सुनियोजित तरीके से पहलगाम के पर्यटक स्थल को निशाना बनाया, जहां कई निर्दोष लोगों की जान चली गई। जांच में पता चला कि आतंकी स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैंडलरों के संपर्क में थे, जो उन्हें हथियार, रसद और ठिकानों की जानकारी उपलब्ध करा रहे थे। ड्रोन के इस्तेमाल से आतंकियों ने इलाके की पूरी रेकी की, जिससे हमले को अंजाम देना आसान हो गया।
पाकिस्तान से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंडिंग का खुलासा इस मामले में सबसे अहम है। जांच एजेंसियों ने पाया कि आतंकी संगठन डिजिटल करेंसी का उपयोग कर रहे हैं ताकि फंडिंग के स्रोत को ट्रैक करना मुश्किल हो। यह रणनीति आतंकियों को गुप्त रूप से धन प्राप्त करने में मदद करती है। सुरक्षा बलों ने इस फंडिंग नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। पुलवामा और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि फरार आतंकियों को पकड़ा जा सके। साथ ही, ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष तकनीकी उपाय किए जा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। इस हमले ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई और क्षेत्र में शांति स्थापित करने की जरूरत को रेखांकित किया है।

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