सबसे बड़ा रक्षा सौदा भारत करेगा फ्रांस से

khabar pradhan

संवाददाता

29 April 2025

अपडेटेड: 12:29 PM 0thGMT+0530

सबसे बड़ा रक्षा सौदा भारत करेगा फ्रांस से

सबसे बड़ा रक्षा सौदा भारत करेगा फ्रांस से


भारत फ्रांस से खरीदेगा 64 हजार करोड़ रुपए में 26 राफेल

3700 किलोमीटर तक हमले में सक्षम :

भारतीय समुद्र की पहरेदारी के लिए राफेल मरीन फाइटर जेट ट की बहुप्रतीक्षित डील पर सोमवार को भारत और फ्रांस के बीच हस्ताक्षर हो गए। करीब 64 हजार करोड़ रु. के अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे के तहत भारत को 26 राफेल मरीन फाइटर जेट मिलेंगे। इनमें 22 सिंगल सीटर और 4 ट्विन सीटर हैं। राफेल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी डैसो एविएशन पहला फाइटर जेट डेढ़ साल में तैयार करके प्रदर्शन करेगी। भारत को पहला राफेल एम 2028 में मिलेगा और 2030 तक सभी विमान नौसेना के बेड़े में होंगे। इनकी तैनाती स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य पर होगी। ये विमान मिलने पर भारत के पास 62 राफेल हो जाएंगे।

रफ्तार—-2130 —किमी/घंटा

डील पक्की • पहला राफेल मरीन 2028 में मिलेगा, 2030 तक सभी नौसेना बेड़े में होंगे

सबसे बड़ा रक्षा सौदा; फ्रांस से 64 हजार करोड़ रु. में 26 राफेल खरीदेगा भारत; 3,700 किमी तक हमले में सक्षम

इसलिए खास… एक मिनट में 18 हजार मी. ऊंचाई तक पहुंच सकता है

लंबाई: 50 फीट

वजनः 15 हजार किलो ईंधनः 11,202 किलो क्षमताः 50 हजार फीट ऊंचाई तक जा सकता है।

हवा से हवा में युद्ध करने में माहिर हवा से जमीन या समुद्र पर हमला निगरानी और जासूसी करने के लिए परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम पनडुब्बियों को निशाना बना सकता है।

पाक-चीन से बेहतर…

1 मिनट में 18 हजार मी. ऊंचाई तक जा सकता है। उड़ान भरने के बाद 3700 किमी तक हमले में सक्षम है।

हवा में ही रीफ्यूलिंग भी की जा सकती है। पाकिस्तान के JF-17 और F-16 जेट्स राफेल-एम की तुलना में बहुत कमजोर हैं। चीन के J-10, J-15, और सुखोई-30 जेट्स चौथी पीढ़ी के हैं, जबकि राफेल-एम 4.5 पीढ़ी का है।

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