भारत-अमेरिका रक्षा वार्ता
संवाददाता
1 May 2025
अपडेटेड: 12:57 PM 0stGMT+0530
INS सूरत ने अरब सागर में किया शक्ति प्रदर्शन
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में अमेरिकी रक्षा मंत्री के साथ एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक वार्ता की। इस वार्ता में दोनों देशों ने आपसी रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस बीच, भारतीय नौसेना ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए INS सूरत को गुजरात के हजीरा बंदरगाह पर तैनात किया। यह युद्धपोत अरब सागर में एंटी-शिप और एंटी-एयरक्राफ्ट हथियारों की फायरिंग प्रैक्टिस में शामिल रहा, जिसने भारत की नौसैनिक क्षमता को और उजागर किया।INS सूरत, जो भारतीय नौसेना का एक अत्याधुनिक युद्धपोत है, ने इस अभ्यास के दौरान अपनी मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। यह युद्धपोत न केवल समुद्री खतरों से निपटने में सक्षम है, बल्कि हवाई हमलों को भी प्रभावी ढंग से रोक सकता है। हजीरा बंदरगाह पर इसकी तैनाती और अभ्यास से भारतीय नौसेना की रणनीतिक तैयारियों का स्पष्ट संदेश मिलता है। इस अभ्यास का उद्देश्य नौसेना की युद्धक क्षमता को परखना और समुद्री क्षेत्र में किसी भी चुनौती से निपटने की तैयारियों को सुनिश्चित करना था।राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा मंत्री के बीच हुई बातचीत में दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, संयुक्त सैन्य अभ्यास और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी हाल के वर्षों में और मजबूत हुई है, जिसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखना है। इस वार्ता में दोनों नेताओं ने आपसी विश्वास और सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया।INS सूरत का यह अभ्यास भारतीय नौसेना की ताकत और तकनीकी उन्नति का प्रतीक है। अरब सागर में इस तरह के अभ्यास न केवल नौसेना की तत्परता को दर्शाते हैं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भारत की रणनीतिक स्थिति को भी मजबूत करते हैं। यह घटना भारत की समुद्री सुरक्षा और रक्षा तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।