पाक विपक्षी नेता का बयान: ‘कश्मीर से पहले अफगानिस्तान मुद्दे पर ध्यान देना जरूरी
संवाददाता
2 May 2025
अपडेटेड: 8:22 AM 0ndGMT+0530
पाकिस्तान के विपक्षी नेता और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI-F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर अपनी सरकार और सेना पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे से पहले अफगानिस्तान के मसले को सुलझाना जरूरी है। रहमान ने दावा किया कि अफगानिस्तान हमेशा से भारत समर्थक रहा है और अब तालिबान शासन भी भारत के प्रति नरम रुख दिखा रहा है। उन्होंने पाकिस्तानी सेना की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी सोच से कोई फायदा नहीं होगा।यह बयान हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आया है, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया। रहमान ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी विदेश नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि अफगानिस्तान की स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सैन्य दृष्टिकोण से समस्याओं का समाधान संभव नहीं है और कूटनीतिक प्रयासों पर ध्यान देना चाहिए।रहमान के इस बयान पर पाकिस्तान में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग उनकी बात का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई ने इसे भारत के प्रति नरम रुख के रूप में देखा है। भारत ने अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन खुफिया एजेंसियां इस पर नजर रखे हुए हैं।पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता रहा है। इस बीच, सुरक्षाबल कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। मौलाना फजलुर रहमान का यह बयान क्षेत्रीय राजनीति और कूटनीति में नई बहस छेड़ सकता है।