ट्रंप का हार्वर्ड पर सख्त कदम, टैक्स छूट रद्द
संवाददाता
2 May 2025
अपडेटेड: 1:28 PM 0ndGMT+0530
कहा- यूनिवर्सिटी ने खोया सार्वजनिक हित
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसकी टैक्स छूट की सुविधा समाप्त करने की घोषणा की है। ट्रंप ने हार्वर्ड पर आरोप लगाया कि यह यूनिवर्सिटी अब शिक्षा के बजाय ‘वोक’ (उग्र वामपंथी विचारधारा) को बढ़ावा दे रही है और सार्वजनिक हित में काम नहीं कर रही। उन्होंने कहा, “हार्वर्ड अब पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि वैचारिक प्रोफेसरों का अड्डा बन गया है। यह टैक्स छूट का हकदार नहीं।”ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा, “हार्वर्ड की टैक्स छूट खत्म होगी और इसे राजनीतिक संगठन की तरह टैक्स देना होगा। टैक्स छूट का लाभ केवल सार्वजनिक हित के लिए है।” यह कदम तब आया जब हार्वर्ड ने व्हाइट हाउस के नीतिगत बदलावों के आदेश को ठुकरा दिया था। इससे पहले ट्रंप ने हार्वर्ड की लगभग 18 हजार करोड़ रुपये की फंडिंग रोकने का फैसला किया था, जिसे यूनिवर्सिटी ने गैरकानूनी करार दिया।विवाद की जड़ में हार्वर्ड की नीतियां और प्रोफेसरों की वैचारिक दिशा है, जिसे ट्रंप ने देश के हितों के खिलाफ बताया। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम अमेरिका में शिक्षा और सरकार के बीच वैचारिक टकराव को दर्शाता है। भारत में भी इसे कुछ लोग जेएनयू जैसे संस्थानों पर सरकारी दबाव से जोड़ रहे हैं। हार्वर्ड ने इस फैसले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उसने फंडिंग रोकने को पहले असंवैधानिक कहा था। टैक्स छूट खत्म होने से यूनिवर्सिटी की वित्तीय स्थिति पर गहरा असर पड़ सकता है, क्योंकि गैर-लाभकारी संस्थानों को यह सुविधा मिलती है।इस फैसले ने वैश्विक बहस छेड़ दी है। ट्रंप के समर्थक इसे शिक्षा संस्थानों में सुधार की दिशा में कदम मान रहे हैं, जबकि आलोचक इसे अकादमिक स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि हार्वर्ड इस फैसले के खिलाफ कानूनी रास्ता अपना सकता है। मामले की अगली कड़ी का इंतजार है, क्योंकि यह शिक्षा और राजनीति के बीच टकराव को और गहरा सकता है।