रूस-यूक्रेन का लुभावना ऑफर
संवाददाता
5 May 2025
अपडेटेड: 9:58 AM 0thGMT+0530
बिना एंट्रेंस, कम फीस में MBBS का सपना
बिना एंट्रेंस, कम फीस में MBBS का सपना
रूस और यूक्रेन की मेडिकल यूनिवर्सिटीज भारतीय छात्रों को डॉक्टर बनने का सपना दिखा रही हैं। बिना एंट्रेंस टेस्ट और कम फीस के वादे के साथ ये देश भारतीय मेडिकल छात्रों को आकर्षित कर रहे हैं। हाल के वर्षों में, खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद, इन देशों की यूनिवर्सिटीज ने भारतीय छात्रों को टारगेट करने के लिए यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आक्रामक विज्ञापन शुरू किए हैं।
भारत में मेडिकल सीटों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा और नीट (NEET) कटऑफ में असफल होने वाले छात्रों के लिए ये यूनिवर्सिटीज आसान रास्ता पेश करती हैं। रूस में MBBS की फीस 2-4 लाख रुपये प्रति वर्ष है, जबकि भारत के निजी मेडिकल कॉलेजों में यह 60 लाख से 1 करोड़ रुपये तक हो सकती है। यूक्रेन में भी 6 साल का MBBS कोर्स 20-30 लाख रुपये में पूरा हो जाता है, जो भारतीय निजी कॉलेजों से कहीं सस्ता है।
रूस की यूनिवर्सिटीज जैसे सेचेनोव यूनिवर्सिटी और कज़ान स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी अंग्रेजी में कोर्स, WHO-मान्यता प्राप्त डिग्री और आधुनिक लैब प्रदान करती हैं। यूक्रेन में भी हाइब्रिड लर्निंग और क्रेडिट ट्रांसफर जैसे विकल्प दिए जा रहे हैं। हालांकि, युद्ध के कारण सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं। रूस में 25,000-30,000 भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं, जबकि यूक्रेन में यह संख्या युद्ध से पहले 18,000 थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को यूनिवर्सिटी चुनते समय NMC मान्यता, FMGE पासिंग रेट और सुरक्षा जैसे पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए।