RJD की सामाजिक न्याय परिचर्चा में गरमाया सियासी माहौल

khabar pradhan

संवाददाता

7 May 2025

अपडेटेड: 8:04 AM 0thGMT+0530

RJD की सामाजिक न्याय परिचर्चा में गरमाया सियासी माहौल

अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पप्पू यादव को लिया आड़े हाथ, कहा- पहले पार्टी में पकड़ बनाओ, फिर CM का सपना देखो

अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पप्पू यादव को लिया आड़े हाथ, कहा- पहले पार्टी में पकड़ बनाओ, फिर CM का सपना देखो

बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई, जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सामाजिक न्याय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जहां सामाजिक समानता और न्याय के मुद्दों पर चर्चा हुई, वहीं RJD के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने जन अधिकार पार्टी (JAP) के नेता पप्पू यादव पर तीखा हमला बोला। सिद्दीकी ने पप्पू यादव को निशाना बनाते हुए कहा कि उन्हें पहले अपनी पार्टी में स्थिरता लानी चाहिए, उसके बाद ही मुख्यमंत्री बनने जैसे बड़े सपने देखने चाहिए। इस बयान ने बिहार की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। आइए, इस परिचर्चा और इसके सियासी निहितार्थ को विस्तार से समझते हैं।
सामाजिक न्याय पर RJD का मंथन: एक नई शुरुआत
पटना में आयोजित इस परिचर्चा में RJD ने सामाजिक न्याय के अपने पुराने एजेंडे को फिर से मजबूती से सामने रखा। पार्टी ने इस मंच के जरिए समाज के वंचित वर्गों, खासकर पिछड़े, दलित, और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों पर जोर दिया। परिचर्चा में RJD के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने सामाजिक समानता, शिक्षा, और रोजगार जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार में सामाजिक न्याय की लड़ाई को और तेज करना और युवा कार्यकर्ताओं को इस दिशा में प्रेरित करना था। RJD नेताओं ने दावा किया कि उनकी पार्टी हमेशा से सामाजिक न्याय की ध्वजवाहक रही है और भविष्य में भी यह मुद्दा उनकी प्राथमिकता रहेगा। लेकिन इस गंभीर चर्चा के बीच सियासी बयानबाजी ने सुर्खियां बटोर लीं, खासकर अब्दुल बारी सिद्दीकी के पप्पू यादव पर तंज ने।
सिद्दीकी का पप्पू पर प्रहार: सियासी तीर या रणनीति?
परिचर्चा के दौरान अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पप्पू यादव पर तीखा हमला बोला, जिसने सभी का ध्यान खींचा। सिद्दीकी ने कहा, “पप्पू यादव को पहले अपनी पार्टी में स्थिरता लानी चाहिए। जब आपकी पार्टी में ही पकड़ नहीं है, तो मुख्यमंत्री बनने जैसे बड़े सपने कैसे देख सकते हैं?” यह बयान पप्पू यादव की हालिया राजनीतिक गतिविधियों और उनकी महत्वाकांक्षाओं पर सीधा प्रहार था।
पप्पू यादव, जो अपनी बेबाक छवि और जनता के बीच लोकप्रियता के लिए जाने जाते हैं, हाल ही में कई मौकों पर RJD और अन्य विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा कर चुके हैं। उनके बयानों में कई बार मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा भी झलकती रही है। सिद्दीकी का यह तंज न केवल पप्पू की सियासी महत्वाकांक्षाओं पर सवाल उठाता है, बल्कि RJD की ओर से यह संदेश भी देता है कि पार्टी अपने नेतृत्व और नीतियों को लेकर किसी भी तरह की चुनौती को बर्दाश्त नहीं करेगी।
पप्पू यादव की सियासी पारी: क्या है विवाद का कारण?
पप्पू यादव बिहार की राजनीति में एक चर्चित चेहरा हैं। उनकी जन अधिकार पार्टी (JAP) भले ही अभी छोटी हो, लेकिन उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रुख ने उन्हें सुर्खियों में रखा है। हाल के महीनों में पप्पू ने RJD के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर कई बार बात की है, लेकिन उनके बयानों में कभी-कभी RJD नेतृत्व के खिलाफ तल्खी भी दिखी है।
सिद्दीकी का यह बयान उस समय आया है, जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे और नेतृत्व को लेकर पहले से ही चर्चाएं गर्म हैं। ऐसे में सिद्दीकी का पप्पू पर हमला RJD की ओर से एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसका मकसद यह स्पष्ट करना है कि पार्टी अपने कोर वोट बैंक और नेतृत्व को लेकर कोई समझौता नहीं करेगी।
सामाजिक न्याय का मुद्दा: RJD की रणनीति
परिचर्चा में सामाजिक न्याय के मुद्दे को फिर से उठाकर RJD ने अपनी पुरानी विरासत को मजबूत करने की कोशिश की है। पार्टी का मानना है कि सामाजिक न्याय का मुद्दा बिहार की सियासत में अभी भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना 1990 के दशक में था। परिचर्चा में नेताओं ने जातिगत जनगणना, आरक्षण की सीमा बढ़ाने, और वंचित वर्गों के लिए बेहतर अवसरों की वकालत की।
RJD के इस आयोजन को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी अपने पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट करने और युवा मतदाताओं को सामाजिक न्याय के मुद्दे से जोड़ने की कोशिश कर रही है। सिद्दीकी के बयान को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका मकसद विपक्षी गठबंधन में RJD की स्थिति को मजबूत करना है।
सियासी हलकों में चर्चा: क्या होगा अगला कदम?
सिद्दीकी के बयान के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग इस मुद्दे पर अपनी राय दे रहे हैं। कुछ लोग सिद्दीकी के बयान को सही ठहरा रहे हैं, उनका मानना है कि पप्पू यादव को अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, पप्पू के समर्थकों का कहना है कि यह RJD की बौखलाहट है, क्योंकि पप्पू की लोकप्रियता उनके लिए चुनौती बन रही है।
पप्पू यादव ने अभी तक सिद्दीकी के बयान पर कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन माना जा रहा है कि वे जल्द ही इस पर जवाब देंगे। बिहार की राजनीति में पप्पू की अगली चाल और RJD की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं। क्या पप्पू RJD के साथ गठबंधन करेंगे, या फिर वे अपनी अलग राह चुनेंगे? यह सवाल आने वाले दिनों में सियासी समीकरणों को नई दिशा दे सकता है।

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