भारत की एयरस्ट्राइक के बाद तनाव चरम पर

khabar pradhan

संवाददाता

7 May 2025

अपडेटेड: 10:25 AM 0thGMT+0530

भारत की एयरस्ट्राइक के बाद तनाव चरम पर

LoC पर पाकिस्तानी गोलीबारी में 10 कश्मीरी नागरिकों की मौत

LoC पर पाकिस्तानी गोलीबारी में 10 कश्मीरी नागरिकों की मौत

तनाव का नया दौर
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक एयरस्ट्राइक के बाद, पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी सेक्टर में 10 कश्मीरी नागरिकों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। यह घटना दोनों देशों के बीच बढ़ती शत्रुता का एक और अध्याय जोड़ रही है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं।
मुख्य घटनाक्रम: ऑपरेशन सिंदूर और उसका प्रभाव
7 मई 2025 को भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के जवाब में थी, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया।
एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू की। पुंछ-राजौरी क्षेत्र के भीमबर गली में पाकिस्तानी तोपखाने ने भारी गोलीबारी की, जिसे भारतीय सेना ने सीजफायर उल्लंघन करार दिया। भारतीय सेना ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया, लेकिन इस बीच नागरिक क्षेत्रों में हुए हमलों ने भारी तबाही मचाई।
हानि का आंकलन: मासूमों पर टूटी आफत
पाकिस्तानी गोलीबारी का सबसे ज्यादा असर सीमावर्ती गांवों पर पड़ा। पुंछ सेक्टर में मंगलवार रात हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में एक महिला और दो बच्चों सहित 10 नागरिकों की मौत हो गई। इसके अलावा, 33 से 45 लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर है। स्थानीय प्रशासन ने घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया, और राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
सुरक्षा कारणों से पुंछ, राजौरी, बारामूला, कुपवाड़ा और अखनूर जैसे सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
भारतीय सेना का जवाब: साहस और संयम
भारतीय सेना ने पाकिस्तान की इस हरकत को ‘कायराना’ करार देते हुए कहा कि वह हर चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है। सेना के प्रवक्ता के अनुसार, “पाकिस्तान ने एक बार फिर संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया है। हमारी सेना इसका जवाब उचित और संयमित तरीके से दे रही है।”
भारत ने न केवल सैन्य कार्रवाई की, बल्कि कूटनीतिक मोर्चे पर भी कड़े कदम उठाए। विदेश मंत्रालय ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के एक बयान को ‘पाकिस्तान के इशारे पर दिया गया’ बताकर खारिज कर दिया। इसके अलावा, भारत ने 1960 के सिंधु जल संधि को निलंबित करने और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं बंद करने का ऐलान किया है।
वैश्विक प्रतिक्रिया: दुनिया की नजर
इस घटनाक्रम पर विश्व समुदाय की नजर है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने पहलगाम हमले की निंदा की थी और अब भारत-पाक तनाव पर चर्चा के लिए बंद कमरे में बैठक कर रही है। कई देशों, जैसे फ्रांस, रूस और जर्मनी, ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का समर्थन किया है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, “हम इस दुख की घड़ी में भारत के साथ मजबूती से खड़े हैं।”
हालांकि, कुछ इस्लामिक देशों ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए भारत की कार्रवाइयों पर सवाल उठाए, जिसे भारत ने ‘पूर्वाग्रह से ग्रस्त’ करार दिया।
आम जनजीवन पर असर: डर और अनिश्चितता
इस तनाव का असर दोनों देशों के आम लोगों पर पड़ रहा है। भारत में इंडिगो और एयर इंडिया ने कई उड़ानें रद्द कर दी हैं, और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस जैसे लुफ्थांसा और एयर फ्रांस ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से बचने का फैसला किया है। भारत ने 7 मई को 244 जिलों में आपातकालीन मॉक ड्रिल आयोजित करने की घोषणा की है, जिससे देशभर में सुरक्षा तैयारियों को परखा जा सके।
कश्मीर घाटी में डर का माहौल है। पहलगाम हमले के बाद पर्यटन उद्योग पहले ही प्रभावित हुआ था, और अब LoC पर गोलीबारी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
आगे क्या? युद्ध की आशंका या शांति की उम्मीद
विश्लेषकों का मानना है कि यह तनाव दोनों देशों के लिए खतरनाक मोड़ ले सकता है। भारत और पाकिस्तान, दोनों ही परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं, और किसी भी गलत कदम से स्थिति अनियंत्रित हो सकती है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, जबकि अन्य इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जोखिम भरा मान रहे हैं।
पाकिस्तान ने UNSC से हस्तक्षेप की मांग की है, लेकिन भारत ने स्पष्ट किया कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई समझौता नहीं करेगा। इस बीच, दोनों देशों की सेनाएं LoC पर हाई अलर्ट पर हैं, और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
निष्कर्ष: एकता और सतर्कता की जरूरत
यह घटनाक्रम न केवल भारत-पाक संबंधों के लिए, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के लिए एक चुनौती है। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, लेकिन इसके साथ ही शांति और स्थिरता की राह तलाशना भी जरूरी है। कश्मीर के लोगों के लिए यह समय दुख और अनिश्चितता का है, और उन्हें हर संभव सहायता की जरूरत है।
हमारी सेना और सरकार इस संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। देशवासियों से अपील है कि वे एकजुट रहें, अफवाहों से बचें और सुरक्षा बलों का सहयोग करें।

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