ऑपरेशन सिंदूर पर एकजुट हुआ भारत
संवाददाता
8 May 2025
अपडेटेड: 7:20 AM 0thGMT+0530
केंद्र ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, आज होगी रणनीति पर चर्चा
केंद्र ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, आज होगी रणनीति पर चर्चा
ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों की आतंकी ठिकानों पर सटीक और करारी कार्रवाई ने न केवल पहलगाम हमले का बदला लिया, बल्कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को भी विश्व मंच पर स्थापित किया। इस ऐतिहासिक ऑपरेशन के बाद केंद्र सरकार ने गुरुवार, 8 मई 2025 को नई दिल्ली में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों को इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और सीमा सुरक्षा व भविष्य की रणनीति पर मंथन होगा। यह बैठक देश की एकता और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त मोर्चे का प्रतीक है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं।
सर्वदलीय बैठक: राष्ट्रीय एकता का मंच
केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और इसके बाद उत्पन्न स्थिति पर चर्चा के लिए संसद भवन की कमेटी रूम G-074 में सुबह 11 बजे एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सभी दलों के नेताओं को ऑपरेशन की बारीकियां और इसके परिणामों से अवगत कराएंगे। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “यह बैठक देश की एकता और आतंकवाद के खिलाफ हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पुष्टि की है कि उनकी पार्टी इस बैठक में शामिल होगी और राष्ट्रीय हित में अपने सुझाव रखेगी।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकियों पर करारा प्रहार
ऑपरेशन सिंदूर को 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए थे। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से बुधवार तड़के 1:05 से 1:30 बजे के बीच 25 मिनट की सटीक कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। इन ठिकानों में लश्कर-ए-तैयबा का मुरिदके और जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर जैसे प्रमुख आतंकी केंद्र शामिल थे, जो 2008 के मुंबई हमले और 2019 के पुलवामा हमले की साजिश में भी शामिल थे। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई गैर-उत्तेजक और केंद्रित थी, जिसमें किसी भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा को निशाना नहीं बनाया गया।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: गोलीबारी और तनाव
ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LOC) पर पूंछ, राजौरी, कुपवाड़ा और उड़ी जैसे क्षेत्रों में भारी गोलीबारी और तोपखाने से हमले शुरू किए। इन हमलों में कम से कम 13 नागरिकों की मौत और 50 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। पूंछ में एक गुरुद्वारे पर भी हमला हुआ, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पाकिस्तानी चौकियों को भारी नुकसान पहुंचा। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सैन्य जवाब की धमकी दी, लेकिन भारत ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देगा।
राजनीतिक समर्थन: देश एकजुट
ऑपरेशन सिंदूर को राजनीतिक दलों और जनता से व्यापक समर्थन मिला है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे “सटीक, सतर्क और संवेदनशील” कार्रवाई बताया, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे पहलगाम हमले में विधवाओं के सम्मान का प्रतीक बताया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “हमारी सेना पर गर्व है। जय हिंद!” वहीं, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा, “पाकिस्तान के गहरे आतंकी ढांचे को सबक सिखाना जरूरी था।” बॉलीवुड सितारों जैसे अनुपम खेर, रितेश देशमुख और निम्रत कौर ने भी “भारत माता की जय” के नारों के साथ सेना की सराहना की।
अंतरराष्ट्रीय मंच: भारत की स्थिति मजबूत
विदेश मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान के अनुरूप बताया, जिसमें पहलगाम हमले के दोषियों को सजा देने की बात कही गई थी। विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने कहा कि हमले में पाकिस्तान का सीधा संबंध था, और यह कार्रवाई भविष्य के हमलों को रोकने के लिए थी। अमेरिका और फ्रांस ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया, जबकि ब्रिटेन ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। इजरायल ने ऑपरेशन के नाम “सिंदूर” को भावनात्मक रूप से छूने वाला बताया।