मध्य प्रदेश की देशभक्ति: सेना के लिए तैयार 7.5 लाख ट्रक
संवाददाता
9 May 2025
अपडेटेड: 10:15 AM 0thGMT+0530
मध्य प्रदेश की देशभक्ति: सेना के लिए तैयार 7.5 लाख ट्रक, ड्राइवरों की छुट्टियां रद्द
ड्राइवरों की छुट्टियां रद्द
राष्ट्रहित में MP का बड़ा कदम
भारत-पाक तनाव के बीच मध्य प्रदेश ने देशभक्ति की मिसाल पेश की है। मध्य प्रदेश ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ऐलान किया है कि उनकी 7.5 लाख ट्रकों की फौज सेना के किसी भी परिवहन कार्य के लिए तैयार है। इसके साथ ही, ट्रक ड्राइवरों और कंडक्टरों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। यह कदम भारतीय सेना को समर्थन देने और आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
ट्रक एसोसिएशन का सेना को समर्थन
मध्य प्रदेश ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि राष्ट्र की सुरक्षा और सेना की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। एसोसिएशन ने कहा, “हमारे 7.5 लाख ट्रक भारतीय सेना के लिए सामान, हथियार, या सैनिकों को देश के किसी भी कोने में ले जाने के लिए तैयार हैं।” यह निर्णय ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाक सीमा पर बढ़ते तनाव के मद्देनजर लिया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि यह कदम स्वैच्छिक रूप से लिया गया है, ताकि सेना को किसी भी स्थिति में संसाधनों की कमी न हो।
ड्राइवर-कंडक्टर अलर्ट मोड में
ट्रक एसोसिएशन ने अपने सभी ड्राइवरों और कंडक्टरों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने का आदेश दिया है। सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं, और कर्मचारियों को किसी भी समय परिवहन कार्य के लिए तैयार रहने को कहा गया है। यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि सेना की जरूरत पड़ने पर तुरंत लॉजिस्टिक्स सपोर्ट उपलब्ध हो सके। ड्राइवरों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और देशसेवा के लिए अपनी तत्परता जताई है। एक ड्राइवर ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व का मौका है कि हम सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की सेवा कर सकते हैं।”
इंदौर से शुरू हुई पहल
यह ऐतिहासिक निर्णय इंदौर में लिया गया, जहां ट्रक एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि सभी ट्रक और उनके चालक-परिचालक सेना की सेवा में तैनात रहेंगे। इंदौर, जो पहले से ही भारत-पाक तनाव के चलते हाई अलर्ट पर है, इस पहल के साथ देशभक्ति का नया उदाहरण बन गया है। स्थानीय प्रशासन ने भी एसोसिएशन के इस कदम की सराहना की और इसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।
प्रशासन और सेना से समन्वय
ट्रक एसोसिएशन ने स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारियों के साथ समन्वय शुरू कर दिया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ट्रकों की तैनाती और परिवहन कार्य सुचारू रूप से हो सके। प्रशासन ने ट्रक मालिकों को आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा और संसाधनों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। साथ ही, सेना के साथ मिलकर एक रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि आपात स्थिति में ट्रकों का उपयोग प्रभावी ढंग से किया जा सके।
जनता में उत्साह, देशभक्ति की लहर
इस खबर ने मध्य प्रदेश में देशभक्ति की एक नई लहर पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर लोग ट्रक एसोसिएशन के इस फैसले की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई नागरिकों ने इसे “राष्ट्र के प्रति सच्ची निष्ठा” करार दिया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह कदम दिखाता है कि मध्य प्रदेश का हर नागरिक सेना के साथ खड़ा है।” इस बीच, अन्य संगठनों और व्यवसायों ने भी सेना के समर्थन में अपने संसाधन देने की इच्छा जताई है।
आगे की रणनीति
ट्रक एसोसिएशन ने यह भी घोषणा की है कि वे अगले कुछ दिनों में सेना के अधिकारियों के साथ और विस्तृत चर्चा करेंगे। यह तय किया जाएगा कि ट्रकों को किन क्षेत्रों में और कैसे तैनात किया जाए। साथ ही, ट्रकों की मरम्मत और ईंधन की व्यवस्था के लिए भी प्रशासन के साथ सहयोग किया जा रहा है। एसोसिएशन ने अन्य राज्यों के ट्रांसपोर्ट संगठनों से भी इस मुहिम में शामिल होने की अपील की है, ताकि पूरे देश से सेना को समर्थन मिल सके।
देश को एकजुटता का संदेश
मध्य प्रदेश ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का यह कदम न केवल सेना के लिए संसाधन उपलब्ध कराएगा, बल्कि देश को एकजुटता का संदेश भी देगा। यह दिखाता है कि संकट के समय में भारत का हर नागरिक और संगठन अपने देश की रक्षा के लिए तैयार है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।