भारत-पाक तनाव के बीच 6 राज्यों के 19 जिलों में स्कूल बंद
संवाददाता
10 May 2025
अपडेटेड: 6:34 AM 0thGMT+0530
भारत-पाक तनाव के बीच 6 राज्यों के 19 जिलों में स्कूल बंद
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने देशभर में हलचल मचा दी है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच छह राज्यों के 19 जिलों में स्कूलों को अगले आदेश तक बंद करने का फैसला लिया गया है। दिल्ली सहित कई प्रमुख शहरों में स्कूलों ने ऑनलाइन क्लासेस शुरू कर दी हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। यह कदम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सीमा पर चल रही सैन्य गतिविधियों के मद्देनजर उठाया गया है। आइए, इस फैसले और प्रभावित जिलों की पूरी सूची पर विस्तार से नजर डालते हैं।
क्यों लिया गया स्कूल बंद करने का फैसला?
भारत द्वारा हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। सीमा पर सैन्य गतिविधियां तेज होने और संभावित खतरों को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। खासकर सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही, कई शहरों में मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट अभ्यास किए जा रहे हैं, जिससे जनता को युद्धकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार किया जा सके। इन अभ्यासों के दौरान स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति को जोखिम भरा माना गया, जिसके चलते ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा दिया जा रहा है।
किन राज्यों और जिलों में स्कूल बंद?
छह राज्यों—दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, और बिहार—के 19 जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं। इनमें से कुछ जिले सीधे तौर पर सीमावर्ती क्षेत्रों में हैं, जबकि अन्य बड़े शहरों में सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया है। प्रभावित जिलों की सूची इस प्रकार है:
दिल्ली: पूरी दिल्ली एनसीआर में स्कूल बंद, ऑनलाइन क्लासेस शुरू।
उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, सहारनपुर, और आगरा।
हरियाणा: गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, और सोनीपत।
पंजाब: अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, और पठानकोट।
राजस्थान: जैसलमेर, बीकानेर, और श्रीगंगानगर।
बिहार: किशनगंज और अररिया।
इन जिलों में न केवल स्कूल, बल्कि कोचिंग सेंटर और अन्य शैक्षणिक संस्थान भी बंद रखे गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों को घर पर रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
दिल्ली में ऑनलाइन क्लासेस का दौर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्कूलों ने तुरंत प्रभाव से ऑनलाइन क्लासेस शुरू कर दी हैं। दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे बच्चों की पढ़ाई को निर्बाध रखने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करें। कई स्कूलों ने जूम, गूगल मीट, और अन्य ऑनलाइन टूल्स के जरिए कक्षाएं शुरू कर दी हैं। दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने कहा, “हमारी प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा है, लेकिन उनकी पढ़ाई भी रुकनी नहीं चाहिए। ऑनलाइन क्लासेस इस स्थिति में सबसे सुरक्षित विकल्प हैं।”
अन्य राज्यों में क्या है स्थिति?
उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद और नोएडा जैसे एनसीआर क्षेत्रों में स्कूल बंद हैं, और ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो चुकी है। मेरठ और सहारनपुर में स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है।
हरियाणा: गुरुग्राम और फरीदाबाद में मल्टीप्लेक्स और मॉल्स भी बंद किए गए हैं, ताकि भीड़भाड़ से बचा जा सके।
पंजाब: अमृतसर और पठानकोट जैसे सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट है। स्कूलों के साथ-साथ सार्वजनिक आयोजनों पर भी रोक लगा दी गई है।
राजस्थान: जैसलमेर और बीकानेर में मॉक ड्रिल के कारण स्कूल बंद हैं। श्रीगंगानगर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
बिहार: सीमांचल क्षेत्र के किशनगंज और अररिया में स्कूल बंद किए गए हैं, और नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
मॉक ड्रिल और सुरक्षा उपाय
तनाव के बीच कई शहरों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। दिल्ली, अमृतसर, और जैसलमेर जैसे शहरों में सायरन और ब्लैकआउट अभ्यास किए गए हैं, ताकि जनता को आपात स्थिति के लिए तैयार किया जा सके। इन अभ्यासों के दौरान स्कूलों को बंद रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा जांच को और सख्त कर दिया गया है।
अभिभावकों और छात्रों की प्रतिक्रिया
इस फैसले पर अभिभावकों और छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। दिल्ली की एक अभिभावक रीना शर्मा ने कहा, “बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है, लेकिन ऑनलाइन क्लासेस में वैसी गुणवत्ता नहीं मिलती। फिर भी, इस स्थिति में यही सही है।” वहीं, गाजियाबाद के एक छात्र रोहन ने बताया, “ऑनलाइन क्लासेस ठीक हैं, लेकिन स्कूल का माहौल अलग होता है। हम चाहते हैं कि स्थिति जल्द सामान्य हो।”
सरकार की अपील: शांति बनाए रखें
केंद्र और राज्य सरकारों ने जनता से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “भारत की सेना और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। नागरिकों से अनुरोध है कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों से जानकारी लें।”