मेट गाला 2025 में दिलजीत दोसांझ का जलवा

khabar pradhan

संवाददाता

10 May 2025

अपडेटेड: 7:47 AM 0thGMT+0530

मेट गाला 2025 में दिलजीत दोसांझ का जलवा

पंजाबी 'महाराजा' ने शकीरा-रिहाना को पछाड़ा, शाहरुख-कियारा लिस्ट से बाहर

पंजाबी ‘महाराजा’ ने शकीरा-रिहाना को पछाड़ा, शाहरुख-कियारा लिस्ट से बाहर

फैशन की दुनिया का सबसे बड़ा मंच, मेट गाला 2025, इस बार भारतीय प्रतिभा के नाम रहा। पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने अपने डेब्यू में ही इतिहास रच दिया। उनके ‘महाराजा लुक’ ने न केवल वैश्विक सितारों शकीरा और रिहाना को पछाड़ा, बल्कि बेस्ट ड्रेस्ड की सूची में शीर्ष स्थान हासिल कर पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। दूसरी ओर, शाहरुख खान, कियारा आडवाणी और प्रियंका चोपड़ा जैसे बॉलीवुड सितारे इस लिस्ट में जगह नहीं बना पाए। आइए, इस शानदार रात की कहानी विस्तार से जानते हैं।

दिलजीत का ‘महाराजा लुक’: पंजाबी संस्कृति की गूंज
मेट गाला 2025 का थीम ‘ब्लैक डैंडीइज्म’ था, और दिलजीत ने इसे अपनी पंजाबी जड़ों के साथ बखूबी अपनाया। मशहूर डिजाइनर प्रबल गुरुंग द्वारा डिजाइन किए गए ऑफ-व्हाइट अचकन, पायजामा और पगड़ी में दिलजीत किसी राजा की तरह नजर आए। उनकी पगड़ी पर पंजाब का नक्शा और खास चिन्ह उकेरे गए थे, जो उनकी सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते थे। दिलजीत ने इस मौके पर कहा, “मैंने अपनी पगड़ी, अपनी संस्कृति और अपनी मातृभाषा पंजाबी को मेट गाला तक पहुंचाया। यह मेरे लिए गर्व का पल है।”

उनके इस लुक ने फैशन क्रिटिक्स और दर्शकों का दिल जीत लिया। मेट गाला की बेस्ट ड्रेस्ड लिस्ट में दिलजीत ने शकीरा और रिहाना जैसे ग्लोबल आइकन्स को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि मशहूर सिंगर शकीरा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिलजीत की तारीफ करते हुए उनकी तस्वीर शेयर की, जिसमें वह मंच पर अपनी मौजूदगी से सबको मंत्रमुग्ध करते नजर आए।

शकीरा और रिहाना को कैसे पछाड़ा?
शकीरा ने मेट गाला में बोल्ड रेड गाउन पहना, जो थीम के साथ उनकी वाइब्रेंट पर्सनैलिटी को दर्शाता था। वहीं, रिहाना ने अपने सिग्नेचर स्टाइल में ब्लैक और गोल्डन कॉम्बिनेशन का ड्रामेटिक लुक चुना। हालांकि, दोनों के लुक्स को सराहना मिली, लेकिन फैशन एक्सपर्ट्स का मानना था कि दिलजीत का लुक थीम के साथ-साथ उनकी सांस्कृतिक गहराई को बखूबी दर्शाता था। उनकी पगड़ी और पारंपरिक पोशाक ने वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति को एक नई पहचान दी, जिसने उन्हें नंबर वन बनाया।
शाहरुख, कियारा और प्रियंका: लिस्ट में क्यों नहीं?
मेट गाला 2025 में भारतीय सितारों की मौजूदगी ने सुर्खियां बटोरीं, लेकिन बेस्ट ड्रेस्ड लिस्ट में शाहरुख खान, कियारा आडवाणी और प्रियंका चोपड़ा जगह नहीं बना पाए। शाहरुख ने अपने डेब्यू में मॉडर्न राजा लुक में काले टक्सीडो के साथ गोल्डन एक्सेसरीज चुनीं, जो थीम के अनुरूप थीं, लेकिन क्रिटिक्स ने इसे ‘सुरक्षित’ और कम प्रभावशाली बताया।

कियारा आडवाणी ने सिल्वर गाउन में रेड कार्पेट पर जलवा बिखेरा, लेकिन उनका लुक थीम से पूरी तरह मेल नहीं खा पाया। प्रियंका चोपड़ा, जो पहले भी मेट गाला में अपनी छाप छोड़ चुकी हैं, इस बार ब्लैक वेलवेट गाउन में नजर आईं। हालांकि, उनका लुक स्टाइलिश था, लेकिन दिलजीत की अनूठी प्रस्तुति के सामने यह फीका पड़ गया।

भारतीय सितारों की धमक
मेट गाला में भारतीय सितारों की मौजूदगी ने एक बार फिर साबित किया कि बॉलीवुड और भारतीय संस्कृति का दबदबा वैश्विक मंच पर बढ़ रहा है। दिलजीत के अलावा, ईशा अंबानी ने भी साड़ी में अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज कराई। उनके लुक को साउथ एशियन फैशन की जीवंतता के लिए सराहा गया। साउथ एशियन डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी के डिजाइन्स भी इस इवेंट में छाए रहे, जिन्हें कई सितारों ने चुना।

सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ
दिलजीत के मेट गाला डेब्यू ने सोशल मीडिया को हिलाकर रख दिया। X पर एक यूजर ने लिखा, “दिलजीत ने पंजाबी संस्कृति को दुनिया के सामने पेश करके गर्व महसूस करवाया। मेट गाला में उनका लुक नंबर वन है!” एक अन्य यूजर ने कहा, “शकीरा ने जब दिलजीत की स्टोरी शेयर की, तो लगा कि अब पंजाबी बीट्स पूरी दुनिया में बजेंगी।”

शकीरा की स्टोरी ने दिलजीत के लुक को और वायरल कर दिया, जिसमें वह मेट गाला के मंच पर अपनी पंजाबी शैली में सभी का ध्यान खींच रहे थे।

मेट गाला 2025: एक नजर
मेट गाला, जिसे फैशन की दुनिया का ‘ऑस्कर’ कहा जाता है, हर साल न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में आयोजित होता है। यह इवेंट फैशन, कला और संस्कृति का अनूठा संगम है, जहां सितारे अपनी क्रिएटिविटी और स्टाइल से दुनिया को चौंकाते हैं। इस साल का थीम ‘ब्लैक डैंडीइज्म’ था, जो ऐतिहासिक और आधुनिक फैशन के मेल को दर्शाता था। दिलजीत ने इस थीम को अपनी सांस्कृतिक जड़ों के साथ जोड़कर एक मिसाल कायम की।

दिलजीत की जीत का मतलब
दिलजीत दोसांझ का मेट गाला में नंबर वन बनना केवल एक फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि भारतीय और खासकर पंजाबी संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है। उनकी यह उपलब्धि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों पर गर्व करने और उन्हें दुनिया के सामने आत्मविश्वास के साथ पेश करने की प्रेरणा देती है।

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