सुपर मॉम्स की प्रेरणा, जिन्होंने रची बेटों की सफलता की कहानी

khabar pradhan

संवाददाता

11 May 2025

अपडेटेड: 10:12 AM 0thGMT+0530

सुपर मॉम्स की प्रेरणा, जिन्होंने रची बेटों की सफलता की कहानी

सुपर मॉम्स की प्रेरणा, जिन्होंने रची बेटों की सफलता की कहानी

मातृ दिवस 2025 के अवसर पर हम उन मांओं को सलाम करते हैं, जिन्होंने अपने बेटों के सपनों को पंख दिए और भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। भारत के कई स्टार क्रिकेटरों की सफलता के पीछे उनकी मांओं का अथक संघर्ष, समर्पण और प्रेरणा छिपी है। चाहे वह सुबह जल्दी उठकर बेटे के लिए टिफिन तैयार करना हो या आर्थिक तंगी में भी उनके क्रिकेट के जुनून को सहारा देना, इन मांओं ने हर कदम पर अपने बच्चों का साथ दिया। आइए, इस खास दिन पर कुछ ऐसे क्रिकेट सितारों और उनकी मांओं की कहानियों को जानें, जिन्होंने इतिहास रचा।

विराट कोहली: अनुशासन की पहली गुरु

भारतीय क्रिकेट के पोस्टर बॉय विराट कोहली की सफलता में उनकी मां सरोज कोहली का योगदान किसी से छिपा नहीं है। दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार में पले-बढ़े विराट को क्रिकेट के प्रति जुनून तो था, लेकिन उनकी मां ने उन्हें अनुशासित जीवन और मेहनत की अहमियत सिखाई। सरोज ने हमेशा विराट को प्रोत्साहित किया, चाहे वह सुबह 4 बजे प्रैक्टिस के लिए उठाना हो या उनके खेल को बेहतर करने के लिए प्रेरित करना। विराट ने कई इंटरव्यू में कहा, “मेरी मां मेरी सबसे बड़ी चीयरलीडर रही हैं। उनकी वजह से मैं कभी हार नहीं माना।” मातृ दिवस पर विराट ने सोशल मीडिया पर अपनी मां के लिए एक भावुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “आप मेरी ताकत हो, मां।”

रोहित शर्मा: आर्थिक तंगी में मां का सहारा

‘हिटमैन’ रोहित शर्मा की क्रिकेट यात्रा आसान नहीं थी। मुंबई के डोम्बिवली में एक छोटे से घर में पले-बढ़े रोहित के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। उनकी मां पूर्णिमा शर्मा ने अकेले दम पर परिवार को संभाला और रोहित के क्रिकेट सपनों को हकीकत में बदला। पूर्णिमा ने रोहित को क्रिकेट किट खरीदने के लिए अपनी छोटी-मोटी बचत खर्च की और उन्हें हर मैच में प्रोत्साहित किया। रोहित ने एक बार कहा था, “मां ने मुझे सिखाया कि हालात चाहे जैसे हों, सपनों को कभी मत छोड़ना।” आज रोहित की हर ट्रॉफी में उनकी मां की मेहनत की चमक दिखती है।

हार्दिक पांड्या: मां की मेहनत, बेटे की जीत

ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और उनके भाई कृणाल की कहानी भी प्रेरणादायक है। सूरत में एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले पांड्या बंधुओं की मां नलिनी पांड्या ने अपने बेटों के लिए दिन-रात मेहनत की। हार्दिक के पिता का कारोबार बंद होने के बाद परिवार की जिम्मेदारी नलिनी पर आ गई। उन्होंने बेटों को क्रिकेट अकादमी में भेजने के लिए कर्ज लिया और उनके हर मैच में स्टेडियम पहुंचकर हौसला बढ़ाया। हार्दिक ने मातृ दिवस पर अपनी मां को समर्पित एक पोस्ट में लिखा, “मां, आपने मुझे जिंदगी की हर पिच पर जीतना सिखाया।”

युजवेंद्र चहल: मां का विश्वास, बेटे की उड़ान

भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल की मां सुनीता देवी ने अपने बेटे के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हरियाणा के एक छोटे से शहर से निकलकर चहल ने जब क्रिकेट को करियर के रूप में चुना, तो उनके परिवार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सुनीता ने चहल को प्रोत्साहित किया और उनकी मेहनत को दिशा दी। चहल ने एक इंटरव्यू में बताया, “मेरी मां ने मुझ पर सबसे ज्यादा भरोसा किया। जब मैं हार मानने वाला था, तब उन्होंने मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत दी।” आज चहल की हर गुगली में उनकी मां का विश्वास झलकता है।

मांओं की अनकही कहानियां

इन क्रिकेटरों के अलावा भी कई खिलाड़ी हैं, जिनकी मांओं ने उनके करियर को आकार दिया। सचिन तेंदुलकर की मां रजनी तेंदुलकर हों या एमएस धोनी की मां देवकी देवी, हर मां ने अपने बेटे की सफलता में खामोश लेकिन ठोस योगदान दिया। ये मांएं न केवल अपने बच्चों की देखभाल करती थीं, बल्कि उनके सपनों को पूरा करने के लिए समाज और आर्थिक बाधाओं से भी लड़ीं। मातृ दिवस पर ये कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि हर कामयाबी के पीछे एक मां का प्यार और बलिदान होता है।

मातृ दिवस का संदेश

मातृ दिवस 2025 पर भारतीय क्रिकेट प्रशंसक न केवल अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जश्न मना रहे हैं, बल्कि उन मांओं को भी धन्यवाद दे रहे हैं, जिन्होंने इन सितारों को चमकने का मौका दिया। जहां प्रशंसक इन मांओं की कहानियों को साझा कर रहे हैं। यह दिन हमें यह भी सिखाता है कि मां का प्यार और समर्पण किसी भी क्षेत्र में सफलता की नींव हो सकता है।

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