मोदी का पाक को दो टूक जवाब

khabar pradhan

संवाददाता

13 May 2025

अपडेटेड: 7:48 AM 0thGMT+0530

मोदी का पाक को दो टूक जवाब

न्यूक्लियर धमकी बर्दाश्त नहीं, अब PoK पर होगी बात

न्यूक्लियर धमकी बर्दाश्त नहीं, अब PoK पर होगी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपनी बेबाक और बुलंद आवाज में पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। आतंकवाद और न्यूक्लियर ब्लैकमेल के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जिन आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा, हमने उनके ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। अब पाकिस्तान से बात सिर्फ PoK पर होगी!” यह बयान न केवल भारत की मजबूत विदेश नीति को दर्शाता है, बल्कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति सरकार के अटल संकल्प को भी रेखांकित करता है। आइए, जानते हैं इस बयान के पीछे की पूरी कहानी और इसके मायने।

मोदी का करारा जवाब: आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने हालिया बयान में पाकिस्तान को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि भारत अब न तो आतंकवाद बर्दाश्त करेगा और न ही न्यूक्लियर ब्लैकमेल के आगे झुकेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा शांति की राह चुनी, लेकिन जब बात देश की सुरक्षा और सम्मान की आई, तो भारत ने आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

पीएम ने पुलवामा और उरी जैसे आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा, “हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ने वालों को हमने उनके घर में घुसकर सबक सिखाया। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक इसका जीता-जागता सबूत हैं।” मोदी का यह बयान न केवल देशवासियों में जोश भरता है, बल्कि पाकिस्तान को यह भी याद दिलाता है कि नया भारत किसी भी खतरे का जवाब उसी की भाषा में देना जानता है।

PoK पर फोकस: अब सिर्फ यही एजेंडा

मोदी ने अपने बयान में एक नया और साहसिक रुख अपनाया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पाकिस्तान के साथ किसी भी बातचीत का आधार सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) होगा। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को समझ लेना चाहिए कि अब बातचीत का समय खत्म हो चुका है। अब हम PoK को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में काम करेंगे।”

यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि हाल के वर्षों में PoK में रहने वाले लोग पाकिस्तानी शासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। वहां के नागरिक मूलभूत सुविधाओं, जैसे बिजली, पानी और आजादी, के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मोदी का यह बयान PoK के लोगों के लिए भी एक उम्मीद की किरण है, जो भारत के साथ जुड़ने की इच्छा जता रहे हैं।

न्यूक्लियर ब्लैकमेल पर कड़ा रुख

पाकिस्तान की ओर से बार-बार दी जाने वाली न्यूक्लियर धमकियों पर पीएम मोदी ने कहा, “हम न्यूक्लियर ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे। भारत की ताकत और संकल्प को कोई कमजोर न समझे।” यह बयान भारत की रक्षा तैयारियों और वैश्विक मंच पर बढ़ती ताकत का प्रतीक है। भारत ने हाल के वर्षों में अपनी सैन्य और रणनीतिक क्षमताओं को अभूतपूर्व तरीके से बढ़ाया है, जिससे वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए

फैंस का उत्साह: देशभक्ति का जज्बा

मोदी के इस बयान ने न केवल देशवासियों में जोश भरा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसे खूब समर्थन मिला। एक यूजर ने लिखा, “मोदी जी का ये बयान हर भारतीय के दिल की बात है। अब समय है कि PoK को वापस भारत में शामिल किया जाए।” वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा, “हमारे पीएम का ये रुख दिखाता है कि भारत अब पुराना भारत नहीं रहा। जय हिंद!”

क्यों अहम है ये बयान?

आतंकवाद पर सख्ती:
मोदी का बयान भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को और मजबूत करता है।

PoK का मुद्दा:
पहली बार इतने साफ शब्दों में PoK को भारत का हिस्सा बताने का दमदार बयान।

वैश्विक संदेश:
भारत अब किसी भी धमकी के सामने नहीं झुकेगा, चाहे वह न्यूक्लियर ब्लैकमेल ही क्यों न हो।

फैंस का जोश:
यह बयान हर भारतीय के दिल में देशभक्ति और गर्व का भाव जगा रहा है।

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