ब्रिटेन की नई इमीग्रेशन पॉलिसी:
संवाददाता
14 May 2025
अपडेटेड: 11:38 AM 0thGMT+0530
New immigration policy of Britain:
सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे भारतीय !
अब किसी भी प्रवासी को 10 साल यूके में रहना होगा, तभी वह स्थायी निवास के लिए आवेदन कर सकेगा। पहले यह अवधि सिर्फ 5 साल थी। इस बदलाव का सबसे ज़्यादा असर भारतीय नागरिकों पर पड़ेगा, जो हर साल यूके आने वाले सबसे बड़े प्रवासी समूह हैं। साल 2023 में 2.5 लाख भारतीय काम और पढ़ाई के लिए ब्रिटेन आए थे।
स्टारमर की नई इमिग्रेशन पॉलिसी, कई भारतीय होंगे प्रभावित :
5 की जगह 10 साल तक ब्रिटेन में रहने वालों को ही मिलेगी स्थाई नागरिकता!
*ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर ने नई इमिग्रेशन पॉलिसी की घोषणा की। इससे ब्रिटेन में स्थाई रूप से रहना और कठिन हो गया है। स्थाई निवास के लिए आवेदन करना हो तो प्रवासी को अब 10 साल ब्रिटेन में ही रहना अनिवार्य होगा। पहले यह अवधि सिर्फ 5 साल के लिए थी। ब्रिटिश पीएम की इस घोषणा का असर भारतीय नागरिकों को भी पड़ेगा, जिनकी ब्रिटेन में बड़ी संख्या है।
क्या-क्या बदला–
- 1.. परमानेंट रेजिडेंसी की अवधि बढ़ी
- 2.. अब 5 नहीं, 10 साल तक लगातार यूके में रहना होगा तभी ILR के लिए आवेदन संभव है।
- 3.. अब स्किल्ड वर्कर वीजा के लिए सिर्फ A-लेवल नहीं, डिग्री लेवल क्वालिफिकेशन जरूरी होगी।
- 4.. निचले स्तर की नौकरियों के लिए विदेशियों को नौकरी देना मुश्किल होगा, जिससे कम कुशल श्रमिकों के लिए यूके आना कठिन हो जाएगा।
- 5.. डिपेंडेंट्स लाने के नियम भी सख्त ।
- 6..अब वीजा धारकों को अपने साथ परिवार लाने के लिए ज्यादा सैलरी थ्रेशोल्ड और बेहतर इंग्लिश स्किल्स दिखानी होंगी।
साल 2023 में करीब ढाई लाख भारतीय पढ़ाई और काम के सिलसिले में ब्रिटेन आए थे। ब्रिटिश पीएम की घोषणाओं के अनुसार, सभी वीजा आवेदकों के लिए अंग्रेजी भाषा की आवश्यकताओं को कड़ा किया गया है। ब्रिटिश पीएम की घोषणाओं में केयर सेक्टर में विदेशी कर्मचारियों की भर्ती पर रोक लगाई गई है। स्नातक वीजा धारकों के लिए पढ़ाई के बाद ब्रिटेन में ही रहने की अवधि जो पहले 2 साल की थी, उसे घटाकर डेढ़ साल कर दिया गया है। अब स्किल्ड वीजा के लिए सिर्फ ‘ए’ लेवल नहीं, डिग्री लेवल की योग्यता आवश्यक होगी। पीएम स्टारमर ने कहा कि ‘हम अपनी सीमाओं पर फिर से नियंत्रण चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में म माइग्रेशन बढ़ा है, लेकिन आर्थिक फायदा नहीं हुआ। सरकार ऐसे लोगों को ही ब्रिटेन में बसने की अनुमति देगी जो अर्थव्यवस्था व समाज में ठोस योगदान दे सकें।