बक्सर में मवेशी तस्करी का भंडाफोड़: गाय की मौत, दो बछड़े बरामद, आरोपी गिरफ्तार
संवाददाता
16 May 2025
अपडेटेड: 2:12 PM 0thGMT+0530
बक्सर में मवेशी तस्करी का भंडाफोड़: गाय की मौत, दो बछड़े बरामद, आरोपी गिरफ्तार
बिहार के बक्सर जिले में शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसमें मवेशियों की तस्करी का खुलासा हुआ है. उत्पाद विभाग ने शराब तस्करी की आशंका में एक स्कॉर्पियो गाड़ी को रोकने की कोशिश की, लेकिन जांच के दौरान मामला कुछ और ही निकला. जांच में पाया गया कि गाड़ी में छिपाकर मवेशियों की तस्करी की जा रही थी. इस घटना ने इलाके में आक्रोश फैला दिया और ग्रामीणों ने आरोपी की जमकर पिटाई कर दी.
धार्मिक प्रतीकों से सजी स्कॉर्पियो में छिपाए गए थे मवेशी
चक्की ओपी क्षेत्र के विशेश्वर डेरा में उत्पाद विभाग की टीम ने एक संदिग्ध यूपी नंबर की स्कॉर्पियो गाड़ी को रोकने का प्रयास किया. गाड़ी चालक ने पुलिस को देखकर वाहन भगाने की कोशिश की. पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी की और स्कॉर्पियो को पकड़ लिया. जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो उसकी पिछली सीट के नीचे एक गाय और दो बछड़े छिपे हुए मिले. गाय की दम घुटने से मौत हो चुकी थी, जबकि दोनों बछड़े जीवित थे.
गाड़ी को इस तरह से धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया था ताकि उस पर किसी को शक न हो. स्कॉर्पियो के आगे पीले रंग का ‘ॐ’ लिखा हुआ झंडा और पीछे हनुमान जी की तस्वीर लगी हुई थी. इस धार्मिक आवरण का इस्तेमाल अपराधी ने लोगों को गुमराह करने और शक से बचने के लिए किया था.
आरोपी की ग्रामीणों ने की जमकर पिटाई, पुलिस ने बचाया
गाड़ी में मवेशी मिलने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने आरोपी चालक को पकड़कर जमकर पीटा. बाद में चक्की ओपी थाना प्रभारी संजय कुमार ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर भीड़ से आरोपी को छुड़ाया और थाने ले गए. आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निवासी अशरफ खान (29 वर्ष), पिता मुमताज खान, के रूप में हुई है. वह कथित तौर पर भोजपुर के रानीसागर इलाके की ओर जा रहा था.
पुलिस ने की गिरफ्तारी, जांच जारी
डुमरांव एसडीपीओ अफाक अख्तर अंसारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मवेशियों को कहां से लाया गया था और इन्हें कहां ले जाया जा रहा था. साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी का संबंध किसी संगठित तस्करी गिरोह से है या नहीं.
यह घटना एक बार फिर से पशु तस्करी के बढ़ते नेटवर्क की ओर संकेत करती है और प्रशासन के लिए चेतावनी भी है. पुलिस अब पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की तैयारी में जुट गई है.