थरूर के डेलीगेशन लीडरशीप पर विवाद, कांग्रेस की आपत्ति ?

khabar pradhan

संवाददाता

17 May 2025

अपडेटेड: 7:38 AM 0thGMT+0530

थरूर के डेलीगेशन लीडरशीप पर विवाद, कांग्रेस की आपत्ति ?

थरूर के डेलीगेशन लीडरशीप पर विवाद, कांग्रेस की आपत्ति ?

भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ देश के रुख को वैश्विक स्तर पर स्पष्ट करने के लिए एक अहम कदम उठाया है. इसके तहत केंद्र ने सात सर्वदलीय सांसदीय डेलिगेशन बनाए हैं, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों समेत दुनिया के प्रमुख देशों का दौरा करेंगे. इस डेलिगेशन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह बताना है कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की और उसका क्या औचित्य है.

सात सांसदीय डेलिगेशन करेंगे विदेश दौरा

संसदीय कार्य मंत्रालय ने शनिवार को इन डेलिगेशन का नेतृत्व करने वाले सात सांसदों के नाम जारी किए. इनमें कांग्रेस से शशि थरूर, भाजपा से रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, जदयू के संजय कुमार झा, DMK की कनिमोझी करुणानिधि, NCP (SP) की सुप्रिया सुले और शिवसेना (शिंदे गुट) के श्रीकांत एकनाथ शिंदे शामिल हैं. इन सभी सांसदों के नेतृत्व में डेलिगेशन 23 या 24 मई को भारत से रवाना होगा और अगले 10 दिनों तक अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, कतर और यूएई जैसे देशों का दौरा करेगा.
डेलिगेशन का मुख्य उद्देश्य है कि भारत के आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख और ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाए. भारत ने हाल ही में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत का बदला लेने के लिए सीमापार सर्जिकल स्ट्राइक की थी, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया.

कांग्रेस की नाराजगी और थरूर की सहमति

इस डेलिगेशन को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया है. कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि उसने केंद्र को शशि थरूर का नाम नहीं दिया था. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी से 4 नाम मांगे थे. कांग्रेस ने जिन नामों की सिफारिश की थी, वे थे: आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, डॉ. सैयद नसीर हुसैन और राजा बरार.
हालांकि, शशि थरूर ने सरकार से मिले निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने X पर लिखा, “मैं हाल की घटनाओं पर हमारे देश का दृष्टिकोण रखने के लिए पांच प्रमुख देशों की राजधानियों में एक सर्वदलीय डेलिगेशन का नेतृत्व करने के लिए भारत सरकार के निमंत्रण से सम्मानित महसूस कर रहा हूं. जब राष्ट्रीय हित की बात होगी और मेरी सेवाओं की जरूरत होगी, तो मैं पीछे नहीं रहूंगा.”

ऑपरेशन सिंदूर: भारत का स्पष्ट संदेश

शशि थरूर पहले भी ऑपरेशन सिंदूर की खुलकर तारीफ कर चुके हैं. 8 मई को उन्होंने कहा था कि यह ऑपरेशन पाकिस्तान और पूरी दुनिया के लिए एक सशक्त संदेश है. भारत ने 26 निर्दोष नागरिकों की मौत का जवाब निर्णायक और सटीक कार्रवाई के माध्यम से दिया है.
सरकार की यह पहल भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे न केवल भारत की स्थिति स्पष्ट होगी, बल्कि पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे झूठे प्रचारों का जवाब भी मिलेगा.

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