मध्य प्रदेश बीजेपी में अंदरूनी कलह तेज, विधायक और मंत्री उठा रहे अपनी ही सरकार पर सवाल…
संवाददाता
19 May 2025
अपडेटेड: 9:11 AM 0thGMT+0530
मध्य प्रदेश बीजेपी में अंदरूनी कलह तेज, विधायक और मंत्री उठा रहे अपनी ही सरकार पर सवाल
मध्य प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर अंदरूनी कलह और गुटबाजी अब खुलकर सामने आ रही है. पार्टी के कई विधायक और मंत्री अपनी ही सरकार और प्रशासन के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान दे रहे हैं. इससे पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ गई है. छोटे नेताओं से लेकर वरिष्ठ मंत्रियों तक की जुबान बेलगाम होती जा रही है. नतीजतन, पार्टी को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है.
गुना से बीजेपी विधायक पन्ना लाल शाक्य ने हाल ही में प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि वे अनुसूचित जाति से हैं, इसलिए उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता. वहीं शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन ने प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और एक SDM को हटवाने के बावजूद असंतोष जताया.
विवादित बयानों की बाढ़, मंत्रियों और विधायकों पर कार्रवाई से बच रही पार्टी
प्रदेश में मंत्री विजय शाह “ऑपरेशन सिंदूर” प्रकरण में पहले ही विवादों में हैं. राजगढ़ जिले में मंत्री द्वारा भीख मांगने जैसा बयान देना, या स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का अतिथि शिक्षकों पर अमर्यादित टिप्पणी करना—ये सब दर्शाते हैं कि कई नेताओं पर पार्टी की पकड़ कमजोर होती जा रही है.
वहीं, पिछोर विधायक प्रीतम लोधी लगातार प्रशासन और मंत्री के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं. पार्टी ने उन्हें नोटिस भी भेजा, लेकिन कोई खास असर नहीं दिखा. मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल ने पुलिस द्वारा धमकी दिए जाने का आरोप लगाकर छह घंटे का धरना भी दिया.
सूत्रों की मानें तो इनमें से कई नेता पार्टी के ताकतवर नेताओं से जुड़े हैं, जिससे पार्टी उन पर कार्रवाई करने से डरती है. हालांकि कुछ पर कार्रवाई हुई है—जैसे आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.
शीर्ष नेतृत्व की चिंता बढ़ी, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिए सख्त संदेश देने के निर्देश
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से फोन पर बात की है. नड्डा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो विधायक और मंत्री सार्वजनिक रूप से पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उन्हें सख्त संदेश दिया जाए. इससे पहले भी वीडी शर्मा ने कुछ नेताओं को अनुशासन में रहने की चेतावनी दी है.
पूर्व गृह मंत्री और खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने तो ‘तंत्र-मंत्र’ जैसे विषय पर बयान देकर सियासी माहौल और गरमा दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों के नेता उनके खिलाफ अंधविश्वास का सहारा ले रहे हैं.