इंग्लैंड दौरे से बाहर, सूर्यवंशी जैसे ‘एज फ्रॉड’ के तीखे तीर!
संवाददाता
26 May 2025
अपडेटेड: 6:07 AM 0thGMT+0530
इंग्लैंड दौरे से बाहर, सूर्यवंशी जैसे 'एज फ्रॉड' के तीखे तीर!
शमी पर उम्र का बवंडर:
भारतीय क्रिकेट के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार मैदान की उपलब्धियों के लिए नहीं, बल्कि एक चौंकाने वाले विवाद के कारण। 40 साल की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद, शमी पर उम्र से जुड़े धोखाधड़ी (एज फ्रॉड) के गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला तब और गर्मा गया, जब कुछ लोग उनकी तुलना युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी से करने लगे, जिन पर पहले भी उम्र को लेकर सवाल उठ चुके हैं। आइए, इस पूरे विवाद को गहराई से समझते हैं और जानते हैं कि क्या है इस खबर का सच।
शमी का इंग्लैंड दौरा: चोट या कुछ और?
मोहम्मद शमी, जो भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे अनुभवी और घातक तेज गेंदबाजों में से एक हैं, को इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली। बीसीसीआई ने पहले दावा किया था कि शमी की फिटनेस इस दौरे के लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि वह हाल ही में चोट से उबर रहे हैं। लेकिन अब यह मामला केवल फिटनेस तक सीमित नहीं रहा। कुछ सूत्रों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं ने शमी की उम्र को लेकर सनसनीखेज सवाल उठाए हैं।
40 साल की उम्र में भी शमी का प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों और प्रशंसकों का कहना है कि उनकी उम्र और उनके दस्तावेजों में दर्ज उम्र में अंतर हो सकता है। इस तरह के आरोप पहले भी क्रिकेट जगत में कई खिलाड़ियों पर लग चुके हैं, और अब शमी का नाम इस सूची में शामिल हो गया है।
वैभव सूर्यवंशी कनेक्शन: क्या है समानता?
इस विवाद में वैभव सूर्यवंशी का नाम तब सामने आया, जब कुछ क्रिकेट प्रशंसकों ने शमी की तुलना इस युवा खिलाड़ी से की। सूर्यवंशी, जो हाल ही में अंडर-19 क्रिकेट में चर्चा में रहे, पर भी उम्र से जुड़े विवाद के आरोप लगे थे। कुछ लोगों का दावा है कि सूर्यवंशी की वास्तविक उम्र उनके आधिकारिक दस्तावेजों से ज्यादा हो सकती है। अब शमी के मामले में भी ऐसी ही अफवाहें जोर पकड़ रही हैं।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने लिखा, “शमी 40 साल के हैं, लेकिन उनकी फुर्ती और गेंदबाजी देखकर लगता है कि वह अभी भी 30 के दशक में हैं। क्या यह उम्र का खेल है, जैसा सूर्यवंशी के साथ हुआ?” हालांकि, ये दावे अभी तक केवल कयासों पर आधारित हैं, और कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
उम्र विवाद: क्रिकेट में पुरानी कहानी
क्रिकेट जगत में उम्र से जुड़े विवाद कोई नई बात नहीं हैं। भारत में कई खिलाड़ियों पर अंडर-19 और घरेलू क्रिकेट में उम्र को लेकर सवाल उठते रहे हैं। यह मुद्दा तब और गंभीर हो जाता है, जब खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचते हैं और उनकी उम्र उनके प्रदर्शन से मेल नहीं खाती। शमी के मामले में यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है, क्योंकि 40 साल की उम्र में भी वह भारतीय टीम के लिए अहम गेंदबाज बने हुए हैं।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि शमी की फिटनेस और गेंदबाजी की रफ्तार को देखते हुए उनकी उम्र पर सवाल उठाना बेतुका है। एक क्रिकेट विश्लेषक ने कहा, “शमी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से यह साबित किया है कि वह उम्र के बावजूद शीर्ष स्तर पर खेल सकते हैं। उम्र के विवाद को तूल देना उनके करियर को बदनाम करने की कोशिश हो सकती है।”
शमी का करियर: एक शानदार सफर
मोहम्मद शमी ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। 2013 में अपने टेस्ट डेब्यू के बाद से, उन्होंने भारत के लिए 188 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 229 विकेट लिए हैं। उनकी स्विंग और सीम गेंदबाजी ने दुनिया भर के बल्लेबाजों को परेशान किया है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में उनकी गेंदबाजी ने भारत को कई यादगार जीत दिलाई हैं।
हालांकि, चोटों ने उनके करियर को बार-बार प्रभावित किया है। 2024 में एड़ी की सर्जरी के बाद शमी ने शानदार वापसी की थी, लेकिन अब इंग्लैंड दौरे से बाहर होने की खबर ने उनके प्रशंसकों को निराश किया है। इस बीच, उम्र विवाद ने उनके लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
बीसीसीआई की चुप्पी: क्या होगी अगली कार्रवाई?
बीसीसीआई ने अभी तक शमी के उम्र विवाद पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, बोर्ड इस मामले को गंभीरता से ले रहा है, लेकिन वह इसे सार्वजनिक रूप से तूल नहीं देना चाहता। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने अनौपचारिक रूप से कहा, “शमी की फिटनेस और चयन का फैसला पूरी तरह से मेडिकल और प्रदर्शन के आधार पर लिया गया है। उम्र का कोई सवाल ही नहीं उठता।”
हालांकि, अगर यह विवाद और बढ़ता है, तो बीसीसीआई को शमी के दस्तावेजों की जांच करनी पड़ सकती है। पहले भी कई खिलाड़ियों के मामले में बोर्ड ने उम्र की जांच के लिए विशेष समितियां बनाई हैं, और शमी के मामले में भी ऐसा हो सकता है।
वैभव सूर्यवंशी और शमी: एक अनचाही तुलना
वैभव सूर्यवंशी, जो हाल ही में अंडर-19 विश्व कप में अपनी बल्लेबाजी से चर्चा में आए थे, पर भी उम्र को लेकर सवाल उठ चुके हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सूर्यवंशी की वास्तविक उम्र उनके दस्तावेजों से ज्यादा हो सकती है। हालांकि, इन दावों को कभी साबित नहीं किया गया। अब शमी के साथ उनकी तुलना ने इस विवाद को और हवा दी है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी तुलनाएं बिना सबूत के खिलाड़ियों की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं। एक पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “शमी और सूर्यवंशी का मामला पूरी तरह अलग है। शमी एक सिद्ध अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, जबकि सूर्यवंशी अभी अपने करियर की शुरुआत में हैं। दोनों को एक ही तराजू में तौलना गलत है।”
क्या कहते हैं नियम?
क्रिकेट में उम्र से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए बीसीसीआई और आईसीसी के पास सख्त नियम हैं। खिलाड़ियों के जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाती है। इसके अलावा, कुछ मामलों में हड्डी की उम्र (बोन एज टेस्ट) भी किया जाता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के मामले में ऐसे टेस्ट कम ही होते हैं, क्योंकि उनकी उम्र पहले ही कई बार जांच की जा चुकी होती है।
शमी के मामले में, उनके जन्म प्रमाणपत्र के अनुसार उनकी जन्म तिथि 3 सितंबर 1984 है। अगर कोई औपचारिक शिकायत होती है, तो बीसीसीआई को इसकी जांच करनी होगी। लेकिन अभी तक कोई ठोस शिकायत सामने नहीं आई है।
मैदान पर होगा हिसाब
मोहम्मद शमी ने अभी तक इस विवाद पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वह इन आरोपों से आहत हैं और जल्द ही मैदान पर अपनी गेंदबाजी से जवाब देना चाहते हैं। शमी ने पहले भी कई बार मुश्किल परिस्थितियों में शानदार वापसी की है, और उनके प्रशंसकों को उम्मीद है कि वह इस बार भी ऐसा ही करेंगे।
शमी के सामने चुनौतियां
शमी के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है। एक ओर, उन्हें अपनी फिटनेस साबित करनी होगी, ताकि वह भारतीय टीम में अपनी जगह फिर से पक्की कर सकें। दूसरी ओर, उम्र विवाद ने उनके करियर पर सवालिया निशान लगा दिया है। अगर बीसीसीआई इस मामले की जांच शुरू करता है, तो शमी को अपने दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स के साथ तैयार रहना होगा।
इसके अलावा, इंग्लैंड दौरे से बाहर होने के बाद शमी के लिए अगला मौका घरेलू क्रिकेट या आईपीएल में हो सकता है। अगर वह वहां अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो यह विवाद धीरे-धीरे ठंडा पड़ सकता है।
सच सामने आएगा
मोहम्मद शमी पर लगे उम्र विवाद के आरोप ने भारतीय क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। हालांकि, अभी तक ये आरोप केवल अफवाहों और सोशल मीडिया की चर्चाओं तक सीमित हैं। शमी जैसे अनुभवी खिलाड़ी के लिए यह एक नया इम्तिहान है, लेकिन उनके प्रशंसकों को भरोसा है कि वह इस बार भी मजबूती से सामने आएंगे।
क्या यह विवाद शमी के करियर को प्रभावित करेगा, या वह अपनी गेंदबाजी से सभी सवालों का जवाब देंगे? यह समय ही बताएगा। लेकिन इतना तय है कि क्रिकेट के इस मैदान में, शमी की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है