अधेड़ पर जानलेवा हमले के मामले में बड़ा खुलासा
संवाददाता
24 February 2025
अपडेटेड: 8:16 AM 0thGMT+0530
पिता की हत्या की खुद पुत्र ने ही रची थी कहानी, चचेरे भाई को सुपारी देकर कराया हमला
उत्तर प्रदेश। बरेली में अधेड़ पर जानलेवा हमले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बेटे ने ही पिता की हत्या की सुपारी अपने चचेरे भाइयों को दी थी। एक चप्पल ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ कर जेल भेज दिया है।
सीबीगंज के गांव पस्तौर निवासी लीलाधर पर 17 फरवरी की रात जानलेवा हमला हुआ था। वह घर के पास बने दूसरे मकान में सो रहे थे तभी रात साढ़े बारह बजे दो हमलावरों ने पहले तमंचे से गोली मारकर हत्या करने की कोशिश की। लेकिन छीनाझपटी में तमंचे से कारतूस निकलकर नीचे गिर गया। हमलावरों ने लीलाधर पर चाकू से कई वार किए गए। शोर मचाने पर पड़ोस में रह रही प्रेमिका का पति जाग गया तो दोनों आरोपी फरार हो गए थे।जिसके बाद घायल के मौसेरे भाई नत्थूलाल ने दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पूछताछ में बेटे और भतीजे को हिरासत में लिया:
पुलिस ने विवेचना के दौरान जब लीलाधर के दो भतीजों से शक के आधार पर पूछताछ की तो लीलाधर का बेटा राजेश उनकी पैरवी में आ गया। उसने अपने पिता की प्रेमिका के पति पर हत्या की कोशिश का आरोप लगाया, इसके बाद मामला खुलता गया। पुलिस ने लीलाधर के बेटे राकेश उनके चचेरे भाई राजेश और छोटे को हिरासत में ले लिया है।
जमीनी हिस्से के बटवारे के डर से किया हत्या का खेल:
इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि लीलाधर का इकलौता बेटा राकेश है। उसके पिता के पड़ोस की ही एक महिला से संबंध हैं। उस महिला से भी लीलाधर का एक बेटा है। राकेश ने पुलिस को बताया कि उसके पिता के पास करीब 20 बीघा जमीन है। वह अपनी प्रेमिका के घरवालों पर ही खेती की कमाई का पूरा खर्च करते थे। राजेश को डर था कि अभी तक वह पिता का अकेला वारिस है, कहीं पिता अपनी संपत्ति प्रेमिका या उसके बेटे के नाम न कर दें। जिस डर से ही उसने पिता की हत्या का इरादा बना लिया।
चचेरे भाई को ही हत्या की सुपारी:
राकेश ने 16 फरवरी को अपने चचेरे भाई राजेश पुत्र बुद्धि, छोटे पुत्र केदार से अपने पिता लीलाधर की हत्या करने को कहा। तीस हजार रुपये में दोनों ताऊ की हत्या करने को तैयार हो गए। राकेश ने पहले जाकर देखा कि उसके पिता अकेले सो रहे हैं, दरवाजा भी खुला है। इसके बाद उसने अपने दोनों चचेरे भाइयों को भेज दिया। छीनाझपटी में तमंचे से कारतूस निकलकर नीचे गिर गए। तब इन लोगों ने चाकू से गोदकर हत्या की कोशिश की।
जल्दवाजी में मोके पर छूटी चप्पल:
हमले के दौरान भागते वक्त जल्दबाजी में राजेश की लाल रंग की एक चप्पल मौके पर ही छूट गई। इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस ने आसपास के लोगों से इस चप्पल के बारे में पूछा तो पता लगा कि ऐसी चप्पल राजेश के पास हैं। राजेश को शक के आधार पर पकड़कर पूछताछ की तो वह अकड़ने लगा कि अपने ताऊ की हत्या की कोशिश क्यों करेगा। तब उसके मोबाइल को चेक किया गया। उसमें एक स्क्रीनशॉट में वही चप्पल दिखाई दे गई जो मौके पर छूटी थी। सख्ती करने पर राजेश ने घटना कबूल कर ली।
भतीजे को फसने से बचाने के लिए नहीं लिया नाम:
पुलिस के मुताबिक लीलाधर ने हमले के दौरान अंधेरे के बावजूद हमलावर भतीजों को पहचान लिया था।लेकिन वह इतना घबरा गए थे कि उन्होंने किसी से भतीजों का नाम नहीं लिया और रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज हो गई। वहीं लीलाधर की प्रेमिका का पति भी घटना के दौरान अपने बाग में सोने के लिए घर से निकल रहा था, उसने भी दोनों को पहचान लिया था। जब पुलिस ने संदेह में दोनों से पूछताछ की तो प्रेमिका का पति दोनों को फंसता देखकर चुप रहा।
इधर, लीलाधर के बेटे राजेश को दोनों भाइयों के फंसने पर अपना नाम सार्वजनिक होने का डर था तो उसने पिता की प्रेमिका के पति पर हमला करने का आरोप लगा दिया। पूछताछ में घटना का खुलासा होता नजर आया तो राजेश फैसला करने की बात कहने लगा। इसके बाद शक और गहरा गया।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे एक तमंचा, एक कारतूस, चाकू व पांच हजार रुपये बरामद किए गए हैं। मौके से बरामद लाल रंग की चप्पल भी आरोपी राजेश की निकलीं। पुलिस ने दोनों पर रिपोर्ट लिखकर उन्हें जेल भेज दिया। लीलाधर के बेटे पर भी कार्रवाई की जाएगी।