लाडली बहना योजना: 3000 रुपये की बड़ी सौगात
संवाददाता
29 May 2025
अपडेटेड: 1:16 PM 0thGMT+0530
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CM मोहन यादव ने बताया कब से भरेगा बहनों का खाता!
मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए खुशखबरी! लाडली बहना योजना, जो लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है, अब और भी बड़ी होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में ऐलान किया है कि इस योजना के तहत दी जाने वाली मासिक राशि को बढ़ाकर 3000 रुपये किया जाएगा। यह खबर उन लाखों बहनों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं, जो इस योजना के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि यह बढ़ी हुई राशि कब से उनके खातों में आने लगेगी? और इस योजना का असर मध्य प्रदेश की महिलाओं के जीवन पर कैसे पड़ेगा? आइए, इस खबर को और गहराई से समझते हैं और जानते हैं कि आखिर इस ऐलान में क्या है खास।
महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का नया अध्याय
लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक ऐसी पहल है, जिसने महिलाओं को न केवल आर्थिक सहारा दिया है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का हौसला भी दिया है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1250 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो उनके छोटे-मोटे खर्चों, बच्चों की पढ़ाई, या घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है। लेकिन अब, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस राशि को बढ़ाकर 3000 रुपये करने का ऐलान किया है, जो महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत और खुशी की बात है। यह बढ़ोतरी न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि उनके सपनों को भी नया उड़ान देगी।
कब से मिलेगी 3000 रुपये की राशि?
मुख्यमंत्री ने अपने ऐलान में साफ किया है कि यह बढ़ी हुई राशि महिलाओं के खातों में धीरे-धीरे अगले पांच सालों में लागू की जाएगी। यानी, यह राशि तुरंत 1250 रुपये से 3000 रुपये नहीं होगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी। सरकार ने इस बदलाव को सुनियोजित ढंग से लागू करने की योजना बनाई है ताकि बजट और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक हर पात्र महिला को 3000 रुपये की मासिक सहायता मिलने लगे। इस ऐलान ने महिलाओं में एक नई उम्मीद जगाई है, और वे इस बढ़ी हुई राशि का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं।
क्यों है यह योजना खास?
लाडली बहना योजना की शुरुआत से ही यह मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए एक गेम-चेंजर साबित हुई है। इस योजना के तहत अब तक लाखों महिलाओं को नियमित रूप से आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं। चाहे वह बच्चों की स्कूल फीस हो, घर का किराना हो, या छोटा-मोटा बिजनेस शुरू करने का सपना, यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही है। अब 3000 रुपये की बढ़ी हुई राशि के साथ, महिलाओं को और अधिक आर्थिक आजादी मिलेगी, जिससे वे अपने परिवार और समाज में और भी बड़ा योगदान दे सकेंगी।
सोशल मीडिया पर भी इस ऐलान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। कई यूजर्स ने इसे “महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम” बताया है, जबकि कुछ ने सरकार से इस राशि को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है। एक यूजर ने लिखा, “3000 रुपये महीना मिलने से बहनों को न सिर्फ आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि वे अपने सपनों को भी पूरा कर सकेंगी।”
मुख्यमंत्री का वादा: स्वावलंबी महिला, सशक्त राष्ट्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि लाडली बहना योजना केवल एक आर्थिक सहायता योजना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का एक मिशन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरा समाज और राष्ट्र मजबूत होगा। इस योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी बड़े स्तर पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। हाल ही में, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को स्टार्टअप कंपनियों में 8.5 करोड़ रुपये के निवेश के लिए इंटेंट टू इन्वेस्ट लेटर भी वितरित किए गए हैं, जो उनकी उद्यमशीलता को बढ़ावा देगा।
बजट और सरकार की प्रतिबद्धता
2025-26 के बजट में महिलाओं के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर 4.49 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट रखा है, जिसमें लाडली बहना योजना के लिए इस साल 18,984 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह राशि पिछले साल के मुकाबले दोगुनी है, जो सरकार की इस योजना के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम न केवल महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता सुनिश्चित करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
महिलाओं में जगी नई उम्मीद
इस ऐलान के बाद मध्य प्रदेश की महिलाओं में एक नई उम्मीद और उत्साह देखा जा रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं, जो इस योजना की सबसे बड़ी लाभार्थी हैं, इसे अपने जीवन में बदलाव का एक बड़ा मौका मान रही हैं। कई महिलाओं ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह राशि उनके लिए सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है।