बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव के लिए नई मुश्किलें खड़ी होती दिख रही हैं. लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर अपने तेवरों से सियासी गलियारों में चर्चा बटोर ली है. हाल ही में तेज प्रताप ने सुबह-सुबह अपने ऑफिस पहुंचकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. इस वीडियो ने न केवल आरजेडी के भीतर बल्कि बिहार की राजनीति में भी नई अटकलों को जन्म दे दिया है. कयास लगाए जा रहे हैं कि तेज प्रताप नई पार्टी के गठन की तैयारी में जुटे हैं. यह कदम लालू परिवार और आरजेडी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है.

तेज प्रताप का यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब उनके और तेजस्वी के बीच तल्खी की खबरें पहले से ही सुर्खियों में थीं. वीडियो में तेज प्रताप ने न तो कोई स्पष्ट घोषणा की और न ही नई पार्टी के बारे में खुलकर कुछ कहा. लेकिन उनके इस कदम को सियासी हलकों में बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है. सूत्रों की मानें तो तेज प्रताप पिछले कुछ समय से पार्टी में अपनी उपेक्षा से नाराज हैं. उनका मानना है कि आरजेडी में उनके छोटे भाई तेजस्वी को ज्यादा तरजीह दी जा रही है. इस नाराजगी को हवा देते हुए तेज प्रताप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कई पोस्ट किए जिनमें उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए.

बिहार की राजनीति में तेज प्रताप का यह कदम कई मायनों में अहम माना जा रहा है. अगर तेज प्रताप नई पार्टी बनाते हैं तो यह आरजेडी के वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकता है. खासकर यादव और मुस्लिम मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप का यह कदम सिर्फ पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है. लेकिन अगर वह वाकई नई पार्टी बनाते हैं तो यह लालू प्रसाद यादव के लिए सबसे मुश्किल फैसलों में से एक होगा.

तेज प्रताप के इस कदम ने न केवल आरजेडी बल्कि विपक्षी दलों को भी सतर्क कर दिया है. बीजेपी और जेडीयू जैसी पार्टियां इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश में जुट सकती हैं. दूसरी ओर तेज प्रताप के समर्थकों का कहना है कि वह बिहार के युवाओं और किसानों के मुद्दों को लेकर एक नया विकल्प पेश करना चाहते हैं. फिलहाल तेज प्रताप की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन उनके इस वीडियो ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है. आने वाले दिन इस बात का खुलासा करेंगे कि यह सिर्फ एक दबाव की रणनीति है या बिहार की सियासत में एक नया मोड़.

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