यूपी के इटावा कांड का असर बिहार तक: ब्राह्मणों के बहिष्कार पर क्या बोले अखिलेश यादव

khabar pradhan

संवाददाता

1 July 2025

अपडेटेड: 7:48 PM 0thGMT+0530

यूपी के इटावा कांड का असर बिहार तक: ब्राह्मणों के बहिष्कार पर क्या बोले अखिलेश यादव

मंगलवार 1 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेश में इटावा में यादव कथावाचकों के साथ हुए दुर्व्यवहार का असर अब समाज में भी देखा जाने लगा है। और सियासत भी गर्म होती जा रही है । इस घटना के बाद से अब यादव और ब्राह्मण का टकराव समाज में इस कदर बढ़ गया कि दोनों पक्ष अब आमने-सामने आ गए हैं । इसका असर उत्तर प्रदेश से बिहार तक देखने को मिल रहा है। इससे हम अंदाजा लगा सकते हैं कि इस विवाद की वजह से जातिगत नफरत अधिक बढ़ रही है और समाज में इस विवाद का असर देखने को मिल रहा है ।

इटावा कांड का असर बिहार तक

इटावा में कथावाचकों के साथ दुर्व्यवहार के विवाद का असर बिहार तक पहुंच गया है।
दरअसल इस इटावा कांड का असर बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी के टिकुलिया गांव में ब्राह्मणों के बहिष्कार के बोर्ड तक लग गए हैं और इनमें इन बोर्ड में साफ लिखा है कि इस गांव में ब्राह्मणों द्वारा पूजा करवाना मना है । जो भी ब्राह्मण यहां पूजा पाठ करवाने आएगा उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। इस तरह के पोस्टर गांव में हर जगह लगे हुए हैं ।
इस विवाद से हुई है जातिगत नफरत समाज में हर जगह देखने को मिल रही है

ब्राह्मणों के बहिष्कार के पोस्ट पर अखिलेश यादव का बयान

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से जब इस बारे में बात किया गया और बिहार के इस गांव के बारे में ब्राह्मणों के बहिष्कार के पोस्टर लगाने संबंधी सवाल किया गया तो उन्होंने कहा—
हम किसी के विरोधी नहीं है ब्राह्मणों से हमारा रिश्ता कई सौ सालो से है। इसके बाद उनका कुछ बचकाना बयान भी सामने आया।
इसके बाद उन्होंने कहा ब्राह्मणों से पूजा पाठ करवाने के जवाब में उन्होंने कहा कि आजकल बहुत सारे ऐप उपलब्ध हैं जिससे आसानी से घर में पूजा पाठ करवाई जा सकती है।

ब्राह्मण बहिष्कार पर गांव के लोगों का बयान

बिहार के इस टिकुलिया गांव में ब्राह्मणों के बहिष्कार का पोस्टर लगाने के लिए गांव के लोगों से बातचीत की गई जिसमें जिसमें एक व्यक्ति अनमोल यादव ने बताया
इटावा की घटना के कारण हमने यह बोर्ड लगवाए है। हम यादव हैं , दूध बेचना हमारा काम है। यह हमारा धंधा नहीं हमारा धर्म है । इसी तरह ब्राह्मण का धंधा पूजा पाठ है।
अब हम उनसे ही पूजा करवाएंगे जिन्हें धर्म का ज्ञान हो, गीता का ज्ञान हो ,वेद पुराणों का ज्ञान हो ,जो मांस मछली ना खाता हो ।चाहे वह किसी भी जाति का हो। इसके अलावा यदि कोई ब्राह्मण से पूजा पाठ करवाता है तो हम उसका विरोध करेंगे ।
जाति से कोई भी व्यक्ति धर्म का ज्ञाता हो उससे पूजा पाठ करवाएंगे।

टिप्पणियां (0)