कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे दुष्कर्म मामले में फिर उलझे: सुप्रीम कोर्ट का आदेश दोबारा होगी जांच,बढ़ी मुश्किलें
संवाददाता
5 August 2025
अपडेटेड: 8:02 AM 0thGMT+0530
5 अगस्त 2025: मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक और विधानसभा के उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के खिलाफ दुष्कर्म मामले की जांच अब दोबारा शुरू होगी । सुप्रीम कोर्ट ने कल इस मामले में एक बड़ा आदेश जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कटारे के खिलाफ एफआईआर की जांच भोपाल रेंज के डीआईजी की निगरानी में कराया जाएगा ।
कोर्ट ने थोड़ी दी राहत:
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कटारे जांच में सहयोग करें तो उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाए।
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश मध्य प्रदेश की हाई कोर्ट के 2 दिसंबर 2024 के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है ।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक माह में जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया है ।कोर्ट ने यह स्पष्ट कहा है कि अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी नहीं की जाएगी ।
दोबारा जांच के आदेश:
यह मामला 2018 का है। जब एक पत्रकारिता की छात्रा ने हेमंत कटारे पर दुष्कर्म और अपहरण के आरोप लगाए थे। इसके अलावा जान से मारने की धमकी पर एफआईआर दर्ज की गई थी । बाद में हेमंत कटारे की शिकायत पर छात्रा के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और अडीबाजी का मुकदमा भी दर्ज किया गया था। तीन माह के बाद छात्रा ने कहा कि उसने कटारे पर झूठी एफआईआर दर्ज कराई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने पुराने दुष्कर्म केस को लेकर दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं जिसे हाई कोर्ट ने पहले रद्द कर दिया था।
हाई कोर्ट ने रोक लगाई तो सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार:
सुप्रीम कोर्ट ने पुराने दुष्कर्म केस को लेकर दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं जिसे हाई कोर्ट ने पहले रद्द कर दिया था।
राज्य सरकार की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय के दो न्याय पूर्ति न्यायमूर्ति की पीठ ने यह आदेश दिया है। यदि दोबारा जांच शुरू होती है तो कटारे फिर से मुश्किल में पड़ सकते हैं । क्योंकि कुछ साल पहले दुष्कर्म पीड़िता ने आत्महत्या कर ली थी।
यह आत्महत्या उसने प्रयागराज में एक रिश्तेदार के यहां की थी।
क्या था मामला:
भिंड जिले के अटेर से कांग्रेस के विधायक हेमंत कटारे ने 2018 में भोपाल के क्राइम ब्रांच में एक युवती के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज कराया था । उन्होंने आरोप लगाया था कि माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय की पत्रकारिता की 21 वर्षीय छात्रा ने दुष्कर्म और अपहरण का झूठा मामला दर्ज कराकर दो करोड रुपए की फिरौती की मांग कर रही है। बाद में उस युवती ने 25 लाख रुपए लेकर प्रकरण को दर्ज करने से इनकार कर दिया।
क्राइम ब्रांच में हेमंत कटारे की इस शिकायत पर युवती को गिरफ्तार किया था । किंतु पूछताछ पर युवती ने कटारे के खिलाफ दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया।
हाई कोर्ट ने रद्द किया था मामला:
फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी । इस फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर कटारे ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
जिसमें हाई कोर्ट ने दुष्कर्म की याचिका को फिर को रद्द करने का आदेश दिया था।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी नागरत्न और जस्टिस विश्वनाथन की पीठ ने हाई कोर्ट की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी। और दुष्कर्म मामले पर नए सिरे से जांच करने के आदेश दिए।
इस जांच से हेमंत कटारे की बढ़ सकती हैं मुश्किलें:
पीड़िता ने सुरक्षा की मांग की और हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी ।
दुष्कर्म के मामले पर पीड़िता पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाकर जेल भेज दिया गया था । जेल से बाहर निकलने के बाद कुछ लोगों ने उसे दुष्कर्म का मामला दर्ज करने की बात कही थी।
युवती को बार-बार अलग-अलग माध्यम से धमकी भी मिल रही थी। जिस की वजह से उसने सुरक्षा के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था।
किंतु बाद में प्रयागराज में पीड़िता ने आत्महत्या कर ली थी। बताया जा रहा था कि वह कई महीनो से डिप्रेशन में थी और परेशान थी।
साक्ष्य बदलने के आरोप:
हेमंत कटारे के मामले में जो FSL रिपोर्ट भेजी गई थी ,इसमें पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि रिपोर्ट बदल दी गई है। उन्होंने डीजीपी कैलाश मकवाना और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी । उन्होंने आरोप लगाया था, इस मामले को संयोजित तरीके से रचा गया था और साक्ष्य बदलने के भी आरोप लगाए गए । इसलिए पीड़िता के न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट पर याचिका लगाई गई थी।
जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर फिर से जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।जिससे हेमंत कटारे पर मुश्किलें बढ़ सकती है।