पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में मची भगदड़: दो की मौत कई घायल

khabar pradhan

संवाददाता

6 August 2025

अपडेटेड: 10:04 AM 0thGMT+0530

6 अगस्त 2025: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में कल बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण भीड़ में दबने से दो महिलाओं की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा श्रद्धालु घायल हो गए । सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार श्रृद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन अधिक भीड़ होने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और यह दर्दनाक हादसा हो गया।
भीड़ इतनी ज्यादा थी कि घायलों को भी अस्पताल ले जाने में डेढ़ घंटे से अधिक का समय लग गया।


यात्रा से एक दिन पहले दर्दनाक हादसा:
पंडित प्रदीप मिश्रा की कावड़ यात्रा से एक दिन पहले यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ हो चुकी थी। सुबह 12 बजे के आसपास से यहां धक्का मुक्की जैसा माहौल बन चुका था ।इस हादसे के बाद भी यहां करीब 3 लाख से ज्यादा लोग एकत्र हो चुके थे।
भारी भीड़ होने का कारण:
आज बुधवार सुबह 9:00 बजे से कावड़ यात्रा शुरू होनी थी । पंडित प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में सभी कांवड़िए सीवन नदी के घाट पर पहुंचकर कावड़ में जल भरकर कोलीपुरा से पुराने हाईवे होते हुए चौपाल सागर होकर सीधे कुंडेश्वर धाम पहुंचना था। इस बार कावड़ यात्रा को शहर के बाहर से ही निकाला जा रहा था।

जानकारी के अनुसार कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष का वितरण भी किया जा रहा था । जिसने कई महिलाएं लाइन से लगी हुई थी । तभी भगदड़ मचने से धक्का मुक्की जैसा माहौल हो गया।
भीड़ का दबाव बढ़ने से सारी व्यवस्था ठप्प हो गई । दर्शन के लिए जगह कम पड़ने लगी । और अफ़रा-तफ़री का माहौल बन चुका था । इसमें 2 लोग नीचे गिरे और फिर उठ नहीं पाए। इसमें दो महिलाओं के दबने से मौत हो गई ।
सभी महिलाओं की उम्र 50 से 60 वर्ष के बीच है। अभी उनकी पहचान नहीं हो पाई है एक महिला नागपुर की और एक गुजरात की बताई जा रही है। नागपुर की एक महिला आईसीयू में भर्ती है। इस हादसे के समय कुबरेश्वर धाम में करीब ढाई लाख श्रद्धालु मौजूद थे।

कई श्रद्धालु घबराहट और चक्कर की शिकायत कर के अस्पताल पहुंचे । दो श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस घटना पर दुख जताया है और सभी अधिकारियों को हर संभव मदद करने के लिए निर्देश दिए गए। आगे यह भी कहा गया है कि प्रशासन और आयोजन इस तरह की घटना ना हो उसका ध्यान रखें।

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