सिंधिया के क्षेत्र में बीजेपी की बढ़ी मुश्किलें: कई पार्षदों के इस्तीफें और नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी खतरे में

khabar pradhan

संवाददाता

4 September 2025

अपडेटेड: 12:41 PM 0thGMT+0530

सिंधिया के क्षेत्र में बीजेपी की बढ़ी मुश्किलें: कई पार्षदों के इस्तीफें और नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी खतरे में

4 सितंबर 2025 : केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र के शिवपुरी में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं… नगर पालिका में चल रहा विवाद अब बड़ा राजनीतिक संकट बन गया है…दरअसल, भाजपा पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा पर भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया… जिसके विरोध में बीजेपी, कांग्रेस और निर्दलीय समेत 18 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया… हालांकि, कलेक्टर ने सभी इस्तीफे नामंजूर कर दिए, जिससे फिलहाल नपा अध्यक्ष की कुर्सी बच गई है…लेकिन ये राहत अस्थायी साबित हो सकती है, क्योंकि कलेक्टर की जांच में गायत्री शर्मा को वित्तीय अनियमितताओं का दोषी पाया गया है… इससे पहले भी दो पूर्व और एक वर्तमान सीएमओ को निलंबित किया जा चुका है… ऐसे में अब अध्यक्ष पर भी गाज गिरने की संभावना है…गौरतलब है कि गायत्री शर्मा बीजेपी से आती हैं और पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की करीबी मानी जाती हैं… लेकिन इन्हें हटाने के लिए पार्षदों ने मंदिर में शपथ तक ली थी…अब इस विवाद ने स्थानीय राजनीति में भूचाल ला दिया है…बीजेपी के अंदर ही असंतोष खुलकर सामने आ गया है और विपक्ष इस मामले को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है…


पार्षदों का इस्तीफा:
भाजपा पार्षदों में गायत्री शर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे इस कारण कल 18 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दिया। यहां के कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने सुनवाई के दौरान इन सभी के इस्तीफे को ना मंजूर कर दिया। कलेक्टर का कहना है कि यह स्थिति व्यक्तिगत रूप से नहीं दिए गए हैं । बल्कि आरोप के आधार पर दिए गए हैं, जो प्रामाणिक नहीं माने जा सकते।

इस्तीफा न मंजूर होने के कारण भले ही नगर पालिका के अध्यक्ष की कुर्सी का संकट बच गया हो लेकिन उनके खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई हो सकती है इस वजह से भाजपा की मुश्किलें बड़ी हुई दिखाई दे रही है इस पूरे घटनाक्रम से भाजपा की राजनीति में हलचल मची हुई है और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच भी असंतोष फैला हुआ है।

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