भोपाल में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए निगम कर्मियों को दिया गया टारगेट: सख्ती हुई तेज

khabar pradhan

संवाददाता

15 September 2025

अपडेटेड: 2:10 PM 0thGMT+0530

भोपाल में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए निगम कर्मियों को दिया गया टारगेट: सख्ती हुई तेज

15 सितंबर 2025: भोपाल में आवारा कुत्तों पर सख्ती हुई तेज: पकड़ने होंगे 20 से 22 कुत्ते

राजधानी भोपाल में आवारा कुत्तों से बढ़ती परेशानी को देखते हुए नगर निगम ने अब नया टारगेट बेस्ड अभियान शुरू किया है… पहली बार निगम की टीमों को रोजाना 20 से 22 कुत्ते पकड़ने का लक्ष्य दिया गया है… अभी तक यह संख्या 10 से 15 के बीच रहती थी… निगम का लक्ष्य है कि हर साल कम से कम 30 हजार कुत्तों का टीकाकरण किया जाए ताकि रेबीज़ जैसी खतरनाक बीमारियों पर रोक लगाई जा सके… इसके लिए अतिरिक्त वाहन, अमला और तकनीकी संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं…

भोपाल शहर में पांच टीमें ऐसी है जो कुत्ते पकड़ती हैं। हर टीम में 10 से 12 कर्मचारियों की एक गाड़ी होती है । एक गाड़ी में एक साथ 20 से 22 कुत्ते रखे जा सकते हैं । अभी की स्थिति में हर दिन कम से कम 100 से ज्यादा कुत्ते पकड़े जाने चाहिए ।लेकिन टीम अधिकतम 70 कुत्ते ही पकड़ पा रही है।
इसी कारण कमिश्नर ने सभी के लिए नए टारगेट जारी किए हैं।

पहली बार मिला ऐसा टारगेट:

गोपाल शहर में स्ट्रीट डॉग पकड़ने के लिए वहां से लेकर अमल तक बढ़ाया जाएगा इसके साथ ही डॉग हमले को हर दिन का टारगेट भी दिया जाएगा ऐसा पहली बार हो रहा है जब डॉग पकड़ने के लिए टारगेट दिया जा रहा है अभी हर रोज एक टीम मुश्किल से 10 से 15 डॉग पड़ती है इनकी संख्या बढ़कर अब 20 से 22 कर दी जाएगी इस संबंध में कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए हैं उन्होंने कहा हर साल कम से कम 30 हजार कुत्तों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

शहर के तीनों एबीसी केंद्र की क्षमता करीब 750 कुत्ते रखने की है वैक्सीन और सर्जरी के बाद कम से कम एक डॉग को 5 दिन सेंटर पर रखना होता है। ऐसे में हर दिन यदि 100 डॉग पकड़े जाते हैं तो उन्हें रखने के लिए भी पर्याप्त जगह है । हर केंद्र पर दो-दो डॉक्टर ऑपरेशन और वैक्सीन लगाने के लिए मौजूद होते हैं। एक डॉग के ऑपरेशन और वैक्सीन लगाने पर हर साल निगम एबीसी सेंटर पर ही दो करोड रुपए खर्च करता है।

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