यावर खान का सेक्स रैकेट गैंग से हो सकता है कनेक्शन: शक के आधार पर जांच शुरू

khabar pradhan

संवाददाता

17 September 2025

अपडेटेड: 11:58 AM 0thGMT+0530

यावर खान का सेक्स रैकेट गैंग से हो सकता है कनेक्शन: शक के आधार पर जांच शुरू

17 सितंबर 2025: नाबालिग से दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट में गिरफ्तार वकील यावर खान की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है।
पुलिस को शक है कि सेक्स रैकेट गिरोह से यावर खान के जुड़े होने का अंदेशा हो सकता है।
पुलिस अब इस संगठितअपराध के मामले में केस दर्ज कर यावर खान की भूमिका की जांच कर रही है और अगर जांच में यावर की कोई भूमिका नजर आती है तो उसके खिलाफ गंभीर संगठित अपराध की धारा बढ़ सकती है।


सेक्स रैकेट चलाता है गिरोह :
पुलिस का कहना है कि जनवरी 2025 में एक संगठित अपराध में एक एफआईआर दर्ज की गई थी । जिसमें यावर खान की भूमिका सामने आई थी । इसकी जांच अभी जारी है।
20 जनवरी 2023 को एक नाबालिग किशोरी लापता हुई थी और 23 जनवरी 2025 को वह अशोक नगर से बरामद की गई थी ।इस किशोरी के माता-पिता का निधन हो चुका था। कोर्ट में उसने बयान दिया कि उसे देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया और बेचा गया । इसके बाद पुलिस ने 31 जनवरी 2025 को 31 लोगों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी । यह गिरोह नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने जाल में फंसाता था और सेक्स रैकेट चलाता था।

सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह के साथ पुलिस को जांच में यावर खान की भूमिका का पता चला है । पुलिस का दावा है कि इस गिरोह को वकील यावर खान का संरक्षण मिल रहा था। जांच के बाद यावर खान की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी । इसके बाद यावर खान को आरोपी बनाया जाएगा।

यावर खान के खिलाफ कई मामले हैं लंबित:
यावर खान पर इससे पहले भी दुष्कर्म के कई आरोप लगा चुके हैं । 2013 में भोपाल के ऐशबाग थाने में एक नाबालिग ने अपने दो सगे भाइयों पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था।‌ पुलिस ने आरोपी भाइयों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया कि उसके भाइयों ने उसके साथ दुष्कर्म नहीं किया था, बल्कि वकील यावर खान और उसके साथ के वकील फुकरान सहित पांच वकीलों ने यावर खान के ऑफिस में 5 दिन तक उसे रखा था और उसके साथ दुष्कर्म किया था । उन सभी ने उसके भाई पर केस दर्ज करवाने पर के लिए धमकाया था । उसके बयान के आधार पर उसके भाइयों को बरी कर दिया गया था।

यावर खान पर आरोप:

यावर खान ने भी पीड़िता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी और खुद पर दर्ज एफआईआर रद्द करवाने के लिए हाई कोर्ट पहुंचे थे । 2017 में यही पीड़िता यावर की ओर से दर्ज FIR निरस्त करने हाई कोर्ट पहुंची थी । अब दोनों याचिकाओं की सुनवाई एक साथ हो रही है।

पुलिस के अनुसार यावर खान का ऑफिस एक अवैध कब्जे वाला ऑफिस है। पहले यह संपत्ति किसी अन्य व्यक्ति के पास थी,जिसे उन्होंने ट्रस्ट को दिया था।
इसके अलावा यावर खान पर हनी ट्रैप, देह व्यापार, सिमी प्रकरण और लव जिहाद जैसे मामलों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पैरवी करने के भी आरोप हैं। 2019 में कोहेफिजा थाना में मारपीट और छेड़छाड़ के मामले दर्ज हुए थे। जिसमें यावर का भी नाम शामिल था ।‌बाद में यावर का नाम हटा दिया गया था।


सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह में शामिल:
पुलिस के अनुसार नाबालिक बच्चियों को पहले फैसला कर जल में फसना उनका सौदा करना और सेक्स रैकेट चलाने में एक गिरोह की अहम भूमिका है। इस ग्रुप में आशुतोष वाजपेई,महक यादव ,मिथिलेश पुरैना ,निधि ठाकुर अग्रवाल ,शशांक पोद्दार, डिंपी खान, मकबूल अली ,अर्जुन पटेल ,निशांत मोहाले, मोहम्मद नावेद अंजलि मोहाले, सलमान कुरेशी ,महेश धाकड़, कृष्णा धाकड़ ,शोभा विश्वकर्मा ,ऋतुल कुमार पांडे ,कुलदीप उर्फ कुणाल, योगेश कुमार कुशराम, सुरेंद्र उर्फ सागर चौहान ,इंद्र बहादुर सिंह ,मोहित, पूजा और जोया, नितिन पाल ,लक्की ,देवांश और राज सोलंकी शामिल है।

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