क्यों सुलग उठा लद्दाख: हिंसक प्रदर्शन में 4 की मौत, 30 जवान और 70 प्रदर्शनकारी घायल

khabar pradhan

संवाददाता

25 September 2025

अपडेटेड: 10:38 AM 0thGMT+0530

क्यों सुलग उठा लद्दाख: हिंसक प्रदर्शन में 4 की मौत, 30 जवान और 70 प्रदर्शनकारी घायल

25 सितंबर 2025: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा की मांग और छठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर युवाओं ने हिंसक प्रदर्शन किया।
कल बुधवार को राजधानी लेह इन युवाओं की मांगों को लेकर सुलग उठी। सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की 35 दिन की भूख हड़ताल में शामिल होने के लिए सैकडों स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।
उन्होंने भाजपा के दफ्तर में, हिल काउंसलिंग के दफ्तर में ,तोड़फोड़ कर दी और आग लगा दी । कई सुरक्षा बलों की गाड़ियां भी जला दी। हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया।

पुलिस की फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा पुलिस कर्मी और सीआरपीएफ के जवान घायल हुए । पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और लाठी चार्ज किया । इस लाठी चार्ज में चार लोगों की मौत और 70 से ज्यादा घायल हुए हैं । हालात बिगड़ने पर लेह में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

इन्हीं सब प्रदर्शनों के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया। और युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की।

क्या है मांगे प्रदर्शनकारियों की:
1..लद्दाख को पूर्ण मार्ग राज्य का दर्जा मिले ।
2..संविधान की छठवीं अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा मिले ।
3..कारगिल ले एक अलग लोकसभा की सीट बनें ।
4..सरकारी नौकरी में लोकल लोगों की भर्ती।
5..संविधान के छठवीं अनुसूची में पूर्वोत्तर के चार राज्य त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम और असम की जनजाति आबादी के लिए विशेष प्रावधान मिले।

आंदोलन का मुख्य कारण:
धारा 370 को निरस्त करने के बाद लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। यहां कोई विधानसभा ना होने से वह केंद्र के अधीन हो गया। जिससे लेह लद्दाख की अनदेखी की गई।इस कारण यह आंदोलन शुरू किया गया।

सोनम वांगचुक का संदेश:
सोनम वंचित का कहना है कि यह घटना बहुत दुखद है । हमने शांतिपूर्ण मार्ग पर चलने का संदेश लिया था। किंतु आज यह असफल हो गया। युवाओं से अपील करते हैं कि प्रदर्शन बंद करें। इससे हमारे हित को नुकसान पहुंचता है

टिप्पणियां (0)