दशहरे पर नीलकंठ दर्शन- क्यों होता है शुभ: नीलकंठ का दशहरे से क्या है कनेक्शन जानें
संवाददाता
2 October 2025
अपडेटेड: 10:33 AM 0ndGMT+0530
2 अक्टूबर 2025: ऐसी मान्यता है कि दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन करना बहुत ही शुभ माना जाता है।
ऐसे में बहुत से लोग दशहरे वाले दिन आकाश में नजरे यहां वहां घूमाते हैं कि उन्हें नीलकंठ पक्षी का दर्शन हो जाए।
लोगों का यह मानना है कि दशहरा पर यदि नीलकंठ पक्षी का दर्शन हो जाए, तो इससे दरिद्रता का नाश होता है, भाग्योदय होता है और सुख समृद्धि आती है।
लंका विजय से पहले प्रभु श्री राम ने नीलकंठ का किया थादर्शन:
भगवान श्री राम जब लंकेश रावण का अंत करने के लिए युद्ध में आगे बढ़ रहे थे तो उन्हें नीलकंठ पक्षी के दर्शन हुए थे। इसलिए ऐसा माना जाता है कि कोई भी कार्य करने से पहले यदि नीलकंठ का दर्शन हो जाए तो कार्य में सफलता मिलती है इसलिए दशहरे वाले दिन इस पक्षी का दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है। क्योंकि नीलकंठ का दर्शन भगवान श्री राम की विजय से भी जुड़ा है।
इसलिए विजयादशमी के दिन नीलकंठ का दर्शन शुभ माना जाता है।
यह भी माना जाता है कि रावण ब्राह्मण कुल के थे । रावण के अंत के साथ भगवान श्री राम पर ब्राह्मण की हत्या का पाप लगा था। ऐसे में भगवान श्री राम ने लक्ष्मण जी के साथ मिलकर भगवान शिव का पूजन किया था और उस समय भगवान शिव ने नीलकंठ के रूप में दर्शन दिए थे।
नीलकंठ पक्षी को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है नीला है कंठ जिसका — नीलकंठ।
अर्थात यह माना जाता है कि यह पक्षी शिवजी के प्रतिनिधि के तौर पर धरती पर विचरण करता है। और दशहरे के दिन नीलकंठ का दर्शन शिव जी के दर्शन समान माना जाता है।