शरद पूर्णिमा क्यों है महत्वपूर्ण आईए जाने

khabar pradhan

संवाददाता

6 October 2025

अपडेटेड: 8:26 AM 0thGMT+0530

शरद पूर्णिमा क्यों है महत्वपूर्ण आईए जाने

6 अक्टूबर 2025 : शरद पूर्णिमा की तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है ।इस दिन भगवान विष्णु के स्वरूप , भगवान शालिग्राम की पूजा अर्चना की जाती है।
तुलसी पूजन सत्यनारायण भगवान की कथा कराई जाती है।

पुराणों के अनुसार ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात लक्ष्मी माता अपने वाहन उल्लू पर सवार होकर पृथ्वी पर भ्रमण करने आती है। इसलिए इस दिन माता लक्ष्मी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है।
और माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर अपने श्रद्धालुओं को धन, वैभव ,यश, सुख, समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है । इसलिए घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाना चाहिए और मां लक्ष्मी का स्वागत करना चाहिए।

इसके अलावा शास्त्रों में वर्णित है कि शरद पूर्णिमा की रात भगवान कृष्ण वृंदावन में राधा और गोपियों के संग रासलीला करते हैं । और यह रासलीला केवल एक नृत्य नहीं है बल्कि एक दिव्य रासलीला मानी जाती है। जिसमें सभी भक्ति भाव से अभिभूत होकर आनंद का अनुभव करते हैं।
इस दिन समुद्र मंथन के समय शरद पूर्णिमा की रात ही माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। इसलिए शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी का विधि विधान से पूजन किया जाता है।

कार्तिक मास की शुरुआत शरद पूर्णिमा से मानी जाती है।‌ शरद पूर्णिमा इसलिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय चंद्रमा धरती के सबसे निकट आ जाता है।
इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं में पूर्ण होते हैं ।‌ चंद्र देव जब 16 कलाओं में पूर्ण होते हैं ,तो वह अमृत वर्षा करते हैं । अर्थात सोलह कलाओं से युक्त चंद्र देव द्वारा अमृत की बारिश होती है और इसी समय आप खीर बनाकर छत पर रख देते हैं जिससे कि वह अमृत उस खीर के अंदर आ जाए ।

यह बहुत ही प्राचीन समय से किया जाता रहा है । और अगले दिन उस खीर का प्रसाद सभी परिवार जनों को खिलाते हैं । जिससे कि सभी भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर सके।

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