16 अक्टूबर 2025: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, कुबेर देव और लक्ष्मी माता की पूजा की जाती है। इस दिन सोना चांदी और बर्तन की खरीदारी करना बहुत ही शुभ माना जाता है ।धनतेरस की शाम को भगवान कुबेर और धन्वंतरि की पूजा करने के बाद एक मुख्य दीपक जलाया जाता है जिसे यम दीपक कहा जाता है।
धनतेरस के दिन यम दीपक का एक विशेष महत्व होता है -आईए जानते हैं इसके महत्व के बारे में !
क्यों जलाया जाता है और कब जलाया जाता है- यम दीपक !
इस बार 18 अक्टूबर 2025 को धनतेरस है और धनतेरस की शाम को यम का दीपक जलाया जाता है।
और लगातार पांच दिनों तक जलाया जाता है । जो भाई दूज तक चलता है।
यह दीपक घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा में जलाया जाता है और इसे हर दिन जलाकर अगले दिन विसर्जित कर दिया जाता है।
आईए जानते हैं धनतेरस पर ही क्यों यम का दीपक जलाया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस यह दिया अकाल मृत्यु के योग को दूर करने और यमराज से लंबी आयु और स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए जलाया जाता है।
यम दीपक जलाने की परंपरा धनतेरस या नरक चतुर्दशी के दिन निभाई जाती है जहां यमराज की पूजा की जाती है। दक्षिण दिशा में यमराज का दीपक जलाया जाता है । इसलिए इसे यम दीपक या यम दीप कहते हैं।
यह दिया जलाने के कई लाभ माने जाते हैं। मान्यता है कि यह दीपक जलाने से अकाल मृत्यु से सुरक्षा मिलती है। परिवार में अकाल मृत्यु के योग को समाप्त करने के लिए जलाया जाता है। यमराज का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यम दीपक जलाया जाता है ,जिससे से यमराज प्रसन्न होते हैं ।
और परिवार के सदस्यों को लंबी और स्वस्थ आयु का वरदान देते हैं। ऐसी मान्यता है कि यम दीपक जलाने से यमराज के प्रसन्न होने से नरक के द्वार बंद होते हैं । यानी नरक में जाने से बचा जा सकता है।
यम दीपक जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और परिवार में सकारात्मकता आती है।
अब जानते हैं यम दीपक कैसे जलाएं:
घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दीपक जलाएं। यह दीपक मिट्टी का, आटे का,या गोबर से बनाया जाता है । यह एक बड़ा और चौमुखा दीपक होता है, इसमें रुई की दो या चार बत्तियां लगाते हैं, और सरसों का तेल डालकर दीपक तैयार करते हैं । इस दीपक को सीधे जमीन पर न रखकर थोड़े से चावल और फूल बिछाकर फिर दीपक रखें। यह दीपक शाम के समय प्रदोष काल में जलाएं और दीपक जलाते समय ओम नमः मंत्र का जाप करें।
दीपक जलाने के नियम:
यम दीपक जलाते समय कई नियमों का पालन करना चाहिए । जैसे हर रोज नया दीपक ही जलाएं और 5 दिन तक लगातार शाम के समय जलाएं । पुराने दीपक को विसर्जित कर दें।
यह दीपक घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की तरफ रखकर जलाएं। यह दीपक जलाने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए और अगले दिन उसका विसर्जन कर देना चाहिए।


Leave a Reply