धनतेरस – 18 अक्टूबर शनिवार -जानें पूजा विधि- खरीदारी का समय और शुभ मुहूर्त
संवाददाता
17 October 2025
अपडेटेड: 1:39 PM 0thGMT+0530
17 अक्टूबर 2025 : दीपावली का पावन पर्व पांच दिवसीय पर्व कहलाता है ।दीपावली की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जा सकता है।
इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे । इसलिए आज के दिन उनकी पूजा अर्चना का विशेष महत्व होता है।
धनतेरस के दिन भगवान गणेश ,माता लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा का विधान है।
इसके साथ ही आज के दिन यम की पूजा भी की जाती है और दक्षिण की दिशा की तरफ यम दीपक जलाया जाता है।
पूजा विधि:
धनतेरस के दिन एक चौकी पर पीले रंग का वस्त्र बिछाएं।भगवान धन्वंतरि की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें।
साथ ही लक्ष्मी माता,गणेश और कुबेर जी भी स्थापित करें।
पूर्व दिशा की तरफ मुख करके बैठे और एक कलश में शुद्ध जल लेकर भगवान को अर्पित करें।
इसके बाद रोली कुमकुम हल्दी फूल फल मिष्ठान आदि से पूजन करें और भगवान धन्वंतरि से रोगों से मुक्ति और दीर्घायु होने का आशीर्वाद प्राप्त करें।
चौकी पर कुबेर यंत्र स्थापित करें उस पर भी गंगाजल छिड़कें । रोली चावल और फल फूल से पूजन करें और दीपक जलाकर कुबेर जी के मंत्र का जाप करें।
यम दीपक कैसे जलाएं:
शाम के समय दक्षिण दिशा की तरफ यम दीपक जलाने का विधान है।
प्रदोष काल में घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की तरफ एक चौमुखा दीपक बनाएं।
यह दीपक मिट्टी का हो सकता है या आटे का दीपक बना सकते हैं।
दीपक में सरसों का तेल डालें और चार बतिया डालकर दीपक जलाएं।
सबसे पहले उस स्थान को जल से सिंचित करें। थोड़े से चावल और फूल बिछाएं । उसके ऊपर दीपक रखें। और यह दीपक यमराज को समर्पित करें।
दीपक का पूजन करें ।फल फूल खील और बताशे चढ़ाएं।
और यमराज से परिवार को सुरक्षित करने का आशीर्वाद प्राप्त करें उनसे प्रार्थना करें कि हमारे परिवार को दीर्घायु करें और किसी की अकाल मृत्यु ना हो।
पूजा का शुभ मुहूर्त:
धनतेरस शनिवार 18 अक्टूबर को है और पूजन का शुभ मुहूर्त है शाम 7:16 से रात 8:20 तक।
खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त:
धनतेरस 18 अक्टूबर को दोपहर 12:18 से अगली सुबह 19 अक्टूबर को 6:24 तक है इस दिन सोना चांदी या अन्य वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है।