दूषित पानी मामला:रिटायर्ड पुलिसकर्मी की मौत से आंकड़ा पहुंचा 17:
संवाददाता
5 January 2026
अपडेटेड: 4:30 PM 0thGMT+0530
7 दिन में भी हालत में सुधार नहीं:
रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा की मौत से मौतों का आंकड़ा हुआ 17:
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
साथ ही मरीजों के मिलने का सिलसिला भी जारी है। रविवार को संजीवनी क्लीनिक पर 65 नए मरीज पहुंचे। जिनमें से 28 को दस्त की शिकायत थी । इनमें से ऐसे मरीज भी है जिन्हें तीन-चार दिन से दिक्कत नहीं थी । लेकिन अब उल्टी दस्त भी हो रहे हैं । डॉक्टरों ने उन्हें दवा दी है और कुछ को अन्य स्थानों पर रेफर भी किया है।
अब मरीजों की संख्या 1800 हो चुकी है। इनमें से करीब 600 अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि शनिवार तक 150 मरीज अस्पताल में भर्ती थे। जिसमें से 16 आईसीयू में है।
इसी बीच एक नई खबर निकल कर आ रही है । इन मौतों की कड़ी में एक नाम और जुड़ गया है जिससे इस मामले में मौतों की संख्या 17 हो गई है।
रिटायर्ड पुलिसकर्मी शर्मा की मौत:
स्वछतम शहर इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में एक नाम और दर्ज किया गया है जिससे इस मामले में 17 मौतें हो चुकी हैं।
मृतक की पहचान रिटायर्ड पुलिसकर्मी धार के ओम प्रकाश शर्मा के रूप में की गई है। यह मूल रूप से शिव विहार कॉलोनी धार के निवासी थे और अपने बेटे से मिलने के लिए इंदौर आए थे । उनकी उम्र 69 वर्ष थी।
ओम प्रकाश शर्मा को 1 जनवरी को उल्टी दस्त की शिकायत हुई ।श्रउसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।श्र जांच में पाया गया कि उनकी एक किडनी खराब हो गई है।
उन्हें मुंबई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और हालत बिगड़ने पर आईसीयू में भी शिफ्ट किया गया । 2 दिन के बाद वेंटिलेटर पर रखा गया और रविवार 1:00 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार उन्हें केवल ब्लड प्रेशर की शिकायत थी । किंतु दूषित पानी के कारण उनकी कितनी फेल हो गई।
मृतक के बेटे का आरोप:
ओम प्रकाश शर्मा के बेटे ने यह आरोप लगाया है कि उन्हें सिर्फ ब्लड प्रेशर की शिकायत थी। किंतु दूषित पानी से उनकी किडनी फेल हो गई। इलाज के दौरान करीब डेढ़ लाख रुपये दवाइयां में खर्च हुए और सवा लाख रुपये अस्पताल के बिल में।
उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास स्थानीय आधार कार्ड नहीं होने के कारण प्रशासन ने उन्हें पीड़ितों की सूची में नहीं शामिल किया।
वही इंदौर प्रशासन ने इस मौत को दूषित पानी से हुई मौत से बाहर रखा है । इस घटना के बाद भागीरथपुरा इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है,परिजनों में नाराजगी है। ओम प्रकाश शर्मा का अंतिम संस्कार धार के मुक्तिधाम में किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित घरों का सर्वे किया है। जिसमें 9416 लोगों की जांच की गई इस दौरान 20 मरीज सामने आए हैं । जबकि 429 पुराने मरीजों का फॉलो अप किया गया है सीएमएचओ डॉक्टर माधव हसनी के अनुसार यहां एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है।
हर घर में 10 ओआरएस के पैकेट, 30 जिंक की गोलियां और पानी शुद्ध करने हेतु क्लीन वाटर की बोतल की किट भी वितरित की गई है। जन अभियान परिषद कमोडिटी हेल्थ ऑफिसर ,आशा ,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ,एएनएम सुपरवाइजर और एनजीओ के सभी सदस्य लोगों को जागरूक करने में जुटे है।
6 जनवरी को हाई कोर्ट के इंदौर बेंच में प्रशासन इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगा।