भोपाल में सरकारी स्कूल के शिक्षकों की कमी को लेकर  शिक्षकों बड़ा प्रदर्शन:DPI ऑफिस का किया घेराव

khabar pradhan

संवाददाता

6 January 2026

अपडेटेड: 4:56 PM 0thGMT+0530

भोपाल में सरकारी स्कूल के शिक्षकों की कमी को लेकर  शिक्षकों बड़ा प्रदर्शन:DPI ऑफिस का किया घेराव


मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी देखने को मिलती है जिससे एक ही शिक्षक को कई कक्षाओं में पढ़ना पड़ता है जिससे शिक्षकों पर बोझ हा पड़ता है और छात्रों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है इससे शिक्षा के गुणवत्ता प्रभावित होती है।

शिक्षकों की कमी के कारण ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के स्कूलों की स्थिति और भी गंभीर है जिसमें कई स्कूल एक या दो शिक्षकों के द्वारा ही संचालित हो रहे हैं कई स्कूलों में बिजली पानी और यहां तक की भवन तक की सुविधा नहीं है।

शिक्षकों ने डीपीआई ऑफिस का किया घेराव:

मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर अब आक्रोश सड़कों पर उतर आया है… मंगलवार को प्रदेशभर से करीब 2000 भावी शिक्षक भोपाल पहुंचें।  और लोक शिक्षण संचालनालय यानी DPI और जनजातीय कार्य विभाग का घेराव किया । शिक्षकों की कमी और इस कमी को पूरा करने हेतु कम रिक्त पद घोषित करने हेतु एक बड़ा आंदोलन किया गया करीब 2000 शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर ढेर डाल लिया।
यह प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियार लेकर और हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए लोक शिक्षण संचालनालय  और जनजातीय कार्य विभाग का घेराव करने निकले।

प्रदर्शन कार्यों का आरोप:
इन शिक्षक प्रदर्शनकारियों काआरोप है कि प्रदेश में लाखों शिक्षक पद खाली हैं, इसके बावजूद भर्ती परीक्षाओं में बेहद कम पद घोषित किए जा रहे हैं । उनका कहना है कि यह स्थिति “ऊंट के मुंह में जीरा” जैसी है ।आंकड़ों के मुताबिक, 27 दिसंबर 2024 तक प्रदेश में माध्यमिक शिक्षकों के करीब 99 हजार और प्राथमिक शिक्षकों के 1.31 लाख पद रिक्त हैं ।लेकिन वर्तमान भर्ती में सिर्फ 10,800 माध्यमिक और 13,089 प्राथमिक शिक्षकों की ही नियुक्ति की जा रही है ।

प्रदर्शन कार्यो ने दी चेतावनी :
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल में बदला जाएगा… मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है…अभ्यर्थियों की मांग है कि शिक्षक भर्ती वर्ग-2 में सभी विषयों में कम से कम 3-3 हजार पद बढ़ाए जाएं, प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या 25 हजार की जाए और द्वितीय काउंसिलिंग जल्द शुरू हो…शिक्षक संगठनों का कहना है कि पदों की कमी का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है ।कई स्कूलों में एक शिक्षक को कई विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है ।

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