SIR के प्रथम चरण की प्रक्रिया में 42 लाख वोटरों के नाम कटे: कई मंत्रियों को दी समीक्षा की जिम्मेदारी

khabar pradhan

संवाददाता

6 January 2026

अपडेटेड: 5:18 PM 0thGMT+0530

SIR के प्रथम चरण की प्रक्रिया में 42 लाख वोटरों के नाम कटे: कई मंत्रियों को दी समीक्षा की जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश में SIR के प्रथम चरण  प्रक्रिया की मतदाता सूची का प्रारूप जारी करने के बाद करीब 42 लाख वोटरों के नाम कटने से भारतीय जनता पार्टी सकते में है।
इस मतदाता सूची के प्रारूप के तहत करीब 42 लाख 74 हजार 160 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं । जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने मंत्रियों और दोनों डिप्टी सीएम समेत इसकी समीक्षा करने को कहा है।
इसे लेकर बीजेपी ने 10 जनवरी तक अधिक से अधिक नाम जुड़वाने हेतु प्रयास करने और नए मतदाताओं का नाम जुड़वाने का अभियान चलाया जाएगा।
निर्वाचन आयोग ने बताया है कि 14 फरवरी 2026 तक यह सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

ईदगाह हिल्स निवासी राजू दलाल ने सुनवाई में बताया कि उनके पड़ोसी का नाम वोटर लिस्ट में है ,किंतु उनके परिवार का नाम काट दिया गया है।‌ जबकि वे साल1999 से यहां रह रहे हैं। नोटिस मिलने के बाद हमने संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं।

वार्ड 78 में धर्मेंद्र अग्रवाल ने 13 मामलों की सुनवाई की एक महिला ने बताया कि वह बंगाल की मूल निवासी है और दस्तावेज मंगवाने के लिए उसे समय चाहिए वही करोंद निवासी एक महिला ने कहा कि 2003 की वोटर लिस्ट में उसका नाम नहीं था।  उसने बताया कि उसे दूसरा मौका दिया गया है । कई लोगों ने पहले दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए थे इसलिए नहीं पहुंच सके।

सुनवाई की प्रक्रिया हेतु कोर्ट गठित:
भोपाल में नो मैपिंग मामलों की सुनवाई के लिए 85 कोर्ट गठित किए गए हैं । हर वार्ड की सुनवाई का एक केंद्र बनाया गया है ,जहां प्रतिदिन दो-दो घंटे की सुनवाई हो रही है।  लोग दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं।  इस दौरान एक ही दिन में करीब 4 हजार से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है। जिनमें से 2000 से कम मतदाता ही सुनवाई में पहुंचे।
जिला प्रशासन के अनुसार SIR  के दूसरे चरण में नो मैपिंग वाले 1 लाख 16 हजार 925 मतदाताओं को नोटिस देने की प्रक्रिया जारी है।  अब तक 6221 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।  जबकि 2830 मतदाताओं की दास्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने बताया है कि जो मतदाता निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे उन्हें दो अवसर और दिए जाएंगे। 22 जनवरी 2026 तक यह प्रक्रिया चलेगी और फिर जांच की प्रक्रिया 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची में प्रकाशित की जाएगी।
SIR  प्रक्रिया में सरकार सहयोग कर रही है ।  भारतीय जनता पार्टी ने इसके लिए एक योजनाबध्य तरीके से कार्य कर रही है। निर्वाचन आयोग ने जो दावे और आपत्तियां बताए हैं।  उसकी निराकरण हेतु सभी संभाग और जिलों की समीक्षा हेतु अपने दोनों डिप्टी सीएम समेत सभी मंत्रियों को जिम्मेदारी दी है और विधायकों से बूथ स्तर पर समीक्षा की चर्चा की जाएगी।

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