महाकाल की नगरी में पारंपरिक वाद्यों के बीच हुआ श्री भस्म लिंगार्चन:
संवाददाता
6 January 2026
अपडेटेड: 12:46 PM 0thGMT+0530
उज्जैन/महाकाल की नगरी में विश्व शांति का संकल्प लिए समस्त मानव कल्याण के संकल्प के साथ एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक दृश्य दिखाई दिया । श्री स्वामी समर्थ सेवा मार्ग के तत्वावधान में श्री भस्म लिंगार्चन समारोह में श्रद्धा, अनुशासन और सामूहिक चेतना का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया गया ।इस आयोजन में 25 से 27 हजार श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस आयोजन में अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया ,दुबई और नेपाल से भी करीब 150 श्रद्धालु ऑनलाइन शामिल हुए । यह कार्यक्रम सोमवार को सुबह 8:30 बजे प्रारंभ हुआ।
कार्यक्रम में महाकाल के लिए भस्म से निर्मित विशाल शिवलिंग की स्थापना की गई और साथ ही 108 पार्थिव शिवलिंगों की प्रतीकात्मक रचना की गई । सभी ने अपने-अपने स्थान पर बैठकर भस्म अर्पण किया और शिव सहस्त्रनाम ,रूद्राध्याय ,शिव महिमा स्त्रोत ,अष्ट भैरव स्तुति और कार्तिकेय स्तुति सहित वैदिक मंत्रों के साथ सामूहिक पाठ किया। इसके साथ ही शंख, डमरू ,महाकाल के पारंपरिक वाद्य की ध्वनि ने पूरे परिसर में धूम मचा दी। उज्जैन में पहली बार इस विराट स्वरूप में श्री भस्म लिंगार्चन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम के द्वारा यह संदेश दिया गया कि भस्म में लिंगार्चन से प्राप्त आध्यात्मिक ऊर्जा का उपयोग समाज सेवा और लोक कल्याण में होना चाहिए।