किसान कल्याण वर्ष का भव्य आगाज: भोपाल में 1101 ट्रैक्टरों की महा रैली

khabar pradhan

संवाददाता

12 January 2026

अपडेटेड: 4:04 PM 0thGMT+0530

किसान कल्याण वर्ष का भव्य आगाज: भोपाल में 1101 ट्रैक्टरों की महा रैली

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 1101 ट्रैक्टरों की रैली में स्वयं बने किसान:
कृषक कल्याण वर्ष का भव्य आगाज:

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कल रविवार को भोपाल से कृषक कल्याण वर्ष 2026 का भव्य शुभारंभ किया । इस अवसर पर किसानों की ऐतिहासिक 1101 ट्रैक्टरों की रैली का नेतृत्व किया। इन ट्रैक्टरों की अनुशासित सहभागिता ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

रैली में किसानों का उत्साह: किसानों ने ताली बजाकर मुख्यमंत्री का किया अभिनंदन:

कृषक कल्याण वर्ष में किसानों के समग्र कल्याण के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2026 के तहत सालभर कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया।
इस रैली में किसानों के उत्साह को देखकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि यह ट्रैक्टर रैली केवल आयोजन नहीं बल्कि किसानों की एकजुटता ,आत्मविश्वास और प्रदेश सरकार के किसान हितैषी सोच का सशक्त प्रतीक है।
इस आयोजन से यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और किसानों के हित में सरकार समग्र प्रयासरत है।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं ट्रैक्टर की कमान भी संभाली।  और ट्रैक्टर चालक से आग्रह कर ट्रैक्टर चलाने की अनुमति मांगी।‌ इससे मुख्यमंत्री की सहजता और किसानों के श्रम के प्रति सम्मान सहज प्रदर्शित होता है।  मुख्यमंत्री की इस सादगी से जन समुदाय भाव विभोर हो गया और किसानों ने तालिया के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव का अभिनंदन किया।
मोहन यादव ने कहा की सरकार की नीतियों का केंद्र किसान ,नारी, युवा और गरीब है । इन सभी के सशक्तिकरण से प्रदेश सरकार योजनाओं और कार्यक्रमों का निर्धारण कर रही है । जिससे इन सभी को विकास का लाभ मिले और समाज के अंतिम व्यक्ति तक यह लाभ पहुंचें।

युवाओं को भी खेती से जोड़ने हेतु बढ़ावा:
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में कृषि आधारित उद्योग फूड प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा मिलेगा । प्राकृतिक और जैविक कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा । इसके अलावा अपशिष्ट से बायोगैस, एथेनॉल और हरित ऊर्जा से किसानों को ऊर्जादाता  बनाएंगें।  उत्पादों के ब्रांडिंग हेतु और निर्यात पर फोकस किया जाएगा।  इसके अलावा रिसर्च इनोवेशन के माध्यम से कृषि सशक्तिकरण की दिशा में प्रयास किया जाएगा। इस हेतु युवाओं को भी खेती से जोड़ने के लिए अवसर तैयार किए जाएंगे। कृषि पर्यटन से गांव में नए रोजगार और पहचान के अवसर पैदा होंगे । कृषि के साथ डेयरी ,पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर सहित फल, सब्जी, मसाला, औषधि, फलों के उत्पादन को भी मजबूती से बढ़ावा मिलेगा।

कृषि उद्यमियों को उपलब्ध सरल व्यवस्थायें:

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में निवेश करने वाले ऐसे उद्यमियों को पारदर्शी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएगी, जो सहज और सरल होंगी। जिसे कृषि आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा।
मेगा फूड पार्क ,कृषि प्रसंस्करण, संरचना को सुधार करेंगे खेती से फैक्ट्री तक के विजन के तहत किसानों को सभी प्रकार के उपलब्ध सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

कृषि आधारित उद्योगों को सब्सिडी  और प्रोत्साहन दिया जाएगा। किसानों को डिजिटल प्लेटफार्म से भी जोड़ा जाएगा।जिससे किसानों की आय नियमित रूप से बढ़ सके।


पिछले एक दशक में मध्य प्रदेश ने बनाई अलग पहचान:
मध्य प्रदेश में ने पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र में 16% से अधिक की विकास दर बनाकर एक अलग पहचान बनाई है । इनमें
फसल उत्पादन ,दुग्ध और मत्स्य पालन में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है।  सरकार का फोकस खेती को पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ाकर लाभकारी व्यवसाय बनाने का उपयोग किया जाएगा।  इसके उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती को मार्केटिंग और प्रसंस्करण से भी जोड़ा जाएगा।

खेती को बनाया जाएगा मुनाफे का जरिया:

खेती को मुनाफे का जरिया बनाने के लिए सरकार कृषि अनुसंधान और मौसम के जोखिम से भी सुरक्षा बनाने हेतु प्रयास करेगी। राज्य की प्रमुख फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और उन्हें वैश्विक पहचान बनाने के लिए विशेष अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जा रहे हैं।

1..डिंडोरी में मध्य प्रदेश राज्य श्री अन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना से मध्य प्रदेश मिलेट्स उत्पादन और पोषण सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

2…ग्वालियर में सरसों और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र बनाया जाएगा।  जिससे इन फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। ।

3..किसानों और अधिकारियों के लिए विदेश अध्ययन भ्रमण योजना शुरू की जाएगी।  जिसे दुनिया के उन्नत कृषि तकनीक को प्रदेश में लागू किया जा सके ।

4..मूंगफली की खेती के लिए अलग कार्य योजना तैयार की जाएगी।

मौसम से सुरक्षा:

किसान मौसम पर बहुत ज्यादा निर्भर होते हैं । जिससे खेती प्रभावित होती है।  मौसम पर निर्भरता कम करने के लिए पूरे प्रदेश में WINDS ( weather information network data system) सिस्टम विकसित किया जा रहा है।
जिससे किसानों को सटीक मौसम का पूर्वानुमान मिल सके और यह जानकारी उन्हें सीधे मोबाइल पर मिल सकेगी।  इससे किसान बुवाई और  कटाई के फैसलें वैज्ञानिक आधार पर ले सके।

प्रदर्शनी:
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने किसान सम्मेलन स्थल पर आयोजित कृषि विकास प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया।  जिसमें गौ माता पूजन और गौ माता को रोटी खिलाकर सम्मेलन का शुभारंभ किया । इस प्रदर्शनी में 65 प्रकार के कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया । इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कृषि विभाग के विभिन्न योजनाओं में हित लाभ भी वितरित किए।

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