किसान कल्याण वर्ष 2026: मोहन यादव का लक्ष्य समृद्ध किसान समृद्ध प्रदेश:
संवाददाता
12 January 2026
अपडेटेड: 4:17 PM 0thGMT+0530
मोहन यादव का ऐलान ‘खेती बनेगी लाभ का धंधा’ :
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के किसानों के लिए साल 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया। उन्होंने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता है जो परिश्रम से देश और समाज का भरण पोषण करते हैं किसानों को आत्मनिर्भर बनकर उनकी समृद्धि सुनिश्चित करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने रविवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में बनाने की अधिकृत घोषणा की।
उन्होंने कहा जिसका तिलक खेत की मिट्टी है वह मध्य प्रदेश का किसान है किसान भाइयों बहनों के पसीने धैर्य और परिश्रम से ही राज्य को देश की फूड बास्केट का मुकुट पहनाया है उन्होंने कहा कि यह वर्ष कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मध्य प्रदेश के कृषि विकास और किसान कल्याण का इतिहास लिखेगा किसान भाइयों का सुख ही हमारा सुख है किस की मुस्कान मध्य प्रदेश की समृद्धि का आधार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं बल्कि प्रदेश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है , जिसने पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है । सरकार पराली से भी किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि बीते सालों के प्रयासों से खेती का रकबा ढाई लाख हेक्टेयर तक बढ़ गया है।
कृषि कल्याण वर्ष में ऐसे होगा काम:
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत वर्ष भर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।
जिसमें फरवरी में कोदो -कुटकी बोनस वितरण ,
मार्च में प्राकृतिक खेती संगोष्ठी ,
मई में नर्मदा पुरम का प्रसिद्ध आम महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
अगस्त सितंबर में इंदौर में एफपीओ कन्वेंशन और छिंदवाड़ा में एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर निधि पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएगी।
अक्टूबर नवंबर में फूड फेस्टिवल और नरसिंहपुर में गन्ना महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
किसानों के सुविधा के लिए सिंचाई हेतु पर्याप्त पानी , बिजली, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण ,फसलों पर समर्थन मूल्य और फसल बीमा की राशि का समय पर अंतरण किया जा रहा है।
कृषि विभाग और मंडी बोर्ड में की जाएगी सीधी भर्ती :
वर्ष 2026 के तहत 1348 पदों पर कृषि विभाग में और 386 पदों पर मंडी बोर्ड में सीधी भर्ती आयोजित की जाएगी। उद्यानिकी में सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र को बढ़ाया जाएगा । पशुपालन में नस्ल सुधार और संतुलित आहार के जरिए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजना शुरू की जाएगी। मछुआरों को कम ब्याज पर ऋण और किसानों ने जैसी सुविधाएं दी जाएगी । नील क्रांति के तहत हर तालाब को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत काम करने का तरीका:
कैसे होगा काम:
कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत 10 सूत्रों की एक रणनीति तैयार की गई है जिसमें श्री अन्न, चना और सरसों पर गहन शोध उर्वरकों का अग्रिम भंडारण, तिलहन, भावांतर व्यापीकरण, उड़द मूंगफली और गन्ना क्षेत्र विस्तार जैसे कदम शामिल किए जाएंगे। फसलों का विविधीकरण और फसलों का मूल्य स्थिर किया जाएगा। जिससे आलू प्याज टमाटर जैसी फसलों के दाम गिरने पर किसान सुरक्षित रह सकें । प्राकृतिक मध्य प्रदेश मिशन के तहत रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा दिया जाएगा कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने के लिए 10 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे । कृषि मंडियों का आधुनिकरण, एमपी ग्लोबल एग्री बॉन्डिंग और एग्री हैकाथान जैसे नवाचार शामिल किए जाएंगे। जिसमें डिजिटल गवर्नेंस ,एआई आधारित कृषि सलाह और क्यूआर कोड जैसी फॉर्म ट्रेसेबिलिटी पर काम किया जाएगा।
कृषि को मिलेगा वैश्विक बाजार:
मध्य प्रदेश की उपज को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए लॉजिस्टिक्स हब विकसित किया जाएगा और उन्नत बीजों पर काम किया जायेगा।
किसानों को पारिश्रमिक का बेहतर मूल्य:
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे। जिससे किसानों को उनकी उपज और उनके परिश्रम का बेहतर मूल्य मिल सके। गांव में रोजगार के नए अवसर पैदा हो, इस दिशा में सरकार प्रयासरत है। कृषि उत्सव और किसान मेलों का आयोजन कर किसानों को आधुनिक खेती के तरीके सिखाए जाएंगे। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वह नई तकनीक को अपनायें और खेती को आधुनिक बनाएं।